नीट री-एग्जाम के लिए मिशन मोड में वायुसेना, चार दिन में भरी 200 उड़ानें

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आगामी 21 जून को दोबारा होने वाली नीट-यूजी की परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने देश की सेना को मैदान में उतार दिया है। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) पिछले तीन-चार दिनों से देशभर के 18 तय जोन्स में परीक्षा के प्रश्नपत्र पहुंचाने के काम में जुटी हुई है।

इस बेहद गोपनीय और बड़े मिशन की शुरुआत 13 जून को हुई थी, जो अब लगभग पूरी होने वाली है। इसका उद्देश्य है कि सरकार इस बार परीक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती।

आसमान से रखी जा रही है पैनी नजर

संसद और सड़कों पर हुए भारी हंगामे के बाद इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। प्रश्नपत्रों के सील बंद बक्से को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर और बड़े मालवाहक विमानों को काम पर लगाया गया है।

अब तक 200 से ज्यादा उड़ानें पूरी

टीओआई के अनुसार ऑपरेशन शुरू होने से लेकर अब तक वायुसेना के विमान करीब 200 चक्कर लगा चुके हैं। विमानों के जरिए प्रश्नपत्रों को पहले मुख्य केंद्रों तक पहुंचाया गया है। अब वहां से बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा

इस मामले में संबंधित एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल इसलिए किया गया है ताकि बिना किसी देरी के और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से प्रश्नपत्र तय समय पर सही जगह पहुंच सकें और गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।

क्यों पड़ी फौज की जरूरत?

गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे थे। 22 लाख से ज्यादा छात्रों वाली देश की इस सबसे बड़ी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बाद सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा था और परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।

इस बार सरकार और अधिकारियों का दावा है कि 21 जून को होने वाला री-टेस्ट पूरी तरह साफ-सुथरा और बिना किसी गड़बड़ी के होगा। लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस बार सरकार ने सुरक्षा की कमान सीधे देश के जांबाज सैनिकों के हाथों में सौंप दी है।

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