घाटे में बिहार और मुनाफे में यूपी, राज्यों के आर्थिक हालात पर CAG की रिपोर्ट; आमदनी और खर्चों की पूरी डिटेल

भारत के विभिन्न राज्य आर्थिक रूप से कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं, इस पर CAG ने रिपोर्ट जारी कर अहम जानकारी दी है। दरअसल, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India) के. संजय मूर्ति द्वारा मंगलवार को जारी ‘स्टेट फाइनेंसेज 2024-25’ (राज्य वित्त 2024-25) पर एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में 18 राज्यों ने रेवेन्यू सरप्लस, 3 राज्यों ने रेवेन्यू घाटे और 7 राज्यों ने ज़ीरो रेवेन्यू घाटे का लक्ष्य रखा था।

खास बात है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मणिपुर और 9 अन्य राज्यों ने 2024-25 में सरप्लस रेवेन्यू (अतिरिक्त राजस्व) दर्ज किया, जबकि बाकी 15 राज्यों में घाटा रहा।

रिपोर्ट में और क्या बताया गया?

  • कैग की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि “वित्त वर्ष 2024-25 में 15 राज्यों में रेवेन्यू की कमी थी, जबकि बाकी 13 राज्यों में रेवेन्यू सरप्लस (अतिरिक्त आय) था।”
  • जिन 18 राज्यों ने रेवेन्यू सरप्लस का लक्ष्य रखा था, उनमें से 9 ने यह लक्ष्य हासिल कर लिया, जबकि असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना में 2024-25 में रेवेन्यू की कमी रही।
  • 7 राज्यों — गोवा, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश — ने ज़ीरो-रेवेन्यू डेफिसिट (शून्य राजस्व घाटा) का लक्ष्य रखा था।
  • इनमें से 4 राज्यों – गोवा, झारखंड, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश — ने रेवेन्यू सरप्लस हासिल किया, जबकि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु ने साल का अंत रेवेन्यू घाटे के साथ किया।
  • 2024-25 में रेवेन्यू घाटे वाले 15 राज्यों में से हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब और पश्चिम बंगाल को फाइनेंस कमीशन से रेवेन्यू घाटा ग्रांट मिली।

क्या है रेवेन्यू सरप्लस और डेफिसिट स्टेट

रेवेन्यू सरप्लस वाले राज्य, यानी ऐसे स्टेट्स जिन्होंने अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के बाद भी अपनी कमाई से पैसा बचाया है।

रेवेन्यू डेफिसिट वाले राज्य से मतलब है कि वे राज्य जिन्होंने मुनाफे का लक्ष्य रखा था, लेकिन उनका खर्च कमाई से ज्यादा हो गया।

13 राज्यों का रेवेन्यू सरप्लस

13 राज्यों के रेवेन्यू सरप्लस (राजस्व अधिशेष) को घटाए बिना, 15 रेवेन्यू-डेफिसिट (राजस्व घाटे वाले) राज्यों का कुल रेवेन्यू डेफिसिट ₹3,46,385 करोड़ था, जो उनके संयुक्त GSDP का 1.5 प्रतिशत था। 13 राज्यों के रेवेन्यू सरप्लस को एडजस्ट करने के बाद, नेट रेवेन्यू डेफिसिट ₹2,19,041 करोड़ रहा, जो सभी 28 राज्यों के संयुक्त GSDP का 0.68 प्रतिशत था।

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