केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की विधायक फातिमा तहलिया ने उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप करने वाले ऑनलाइन मीडिया चैनलों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी निजी गतिविधियों का पीछा कर वीडियो बनाने और ‘पापाराजी’ जैसी हरकतें करने वाले चैनलों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
पेराम्ब्रा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार निर्वाचित हुईं फातिमा तहलिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ ऑनलाइन मीडिया चैनल उनकी निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल दे रहे हैं और उनकी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर प्रसारित करने की कोशिश कर रहे हैं।
विधायक ने अपने संदेश में कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निजी जीवन से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी करना और बिना अनुमति वीडियो बनाना पूरी तरह अनुचित है।
फातिमा तहलिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां पीछा करने यानी स्टाकिंग की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके नाम पर किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गोपनीयता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ व्यक्तिगत अधिकारों और निजता का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है।
विधायक की इस टिप्पणी के बाद निजता के अधिकार और मीडिया की सीमाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की निजी गतिविधियों की कवरेज को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है, और फातिमा तहलिया का यह बयान उसी बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है।
फिलहाल, फातिमा तहलिया ने संकेत दिया है कि यदि इस तरह की घटनाएं जारी रहती हैं तो संबंधित चैनलों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनके इस रुख को व्यक्तिगत गोपनीयता की सुरक्षा के संदर्भ में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।


