एमएलआर रिपोर्ट बदलवाने का दबाव बनाने का आरोप, अमृतसर सिविल अस्पताल के SMO ने 3 लोगों के खिलाफ दी शिकायत

सिविल अस्पताल अमृतसर के एसएमओ डॉ. रजनीश कुमार ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए थाना रामबाग पुलिस को शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों ने उनके कार्यालय में पहुंचकर मेडिको-लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) को प्रभावित करने और अपने पक्ष में रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया।

इस घटना में सरकारी कार्य में बाधा डालने और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार 12 जून की सुबह करीब 10 बजकर 40 मिनट पर अमरिक सिंह के पुत्र शालिंदर सिंह शेली अपने दो साथियों केशव और सुभाष सहगल के साथ बिना अनुमति वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय कक्ष में पहुंच गया।

आरोप है कि तीनों ने एक मेडिकल मामले में तैयार की गई एमएलआर रिपोर्ट को लेकर बहस शुरू कर दी और रिपोर्ट को अपने पक्ष में बदलने का दबाव बनाया।

डॉ. रजनीश कुमार ने शिकायत में कहा कि उन्होंने संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से बताया कि यदि उन्हें रिपोर्ट को लेकर कोई आपत्ति है तो वे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल बोर्ड के समक्ष अपील कर सकते हैं। इसके बावजूद कथित तौर पर कार्यालय में बहस और दबाव बनाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ।

शिकायत में 29 मई 2026 को तैयार की गई एमएलआर का भी उल्लेख किया गया है। डॉक्टर के अनुसार घायल व्यक्ति का उपचार करने के बाद एक्स-रे करवाया गया था, जिसमें किसी प्रकार की हड्डी टूटने की पुष्टि नहीं हुई। बाद में सिविल सर्जन के निर्देश पर दोबारा रेडियोलॉजिकल जांच करवाई गई। दूसरी रिपोर्ट में भी किसी फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई।

सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप

डॉ. रजनीश कुमार ने पुलिस को बताया कि संबंधित मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, एमएलआर, एक्स-रे रिपोर्ट, अंतिम चिकित्सकीय रिपोर्ट और सीटी स्कैन रिपोर्ट जांच के लिए उपलब्ध करवा दी गई हैं। उन्होंने मांग की है कि चिकित्सकीय प्रक्रिया को प्रभावित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस शिकायत की प्रतियां सिविल सर्जन अमृतसर और पुलिस आयुक्त अमृतसर को भी भेजी गई हैं। फिलहाल पुलिस शिकायत की जांच कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *