तृणमूल कांग्रेस (TMC) में ममता बनर्जी के लिए स्थिति काफी मुश्किल हो गई है, क्योंकि ममता बनर्जी के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर पार्टी के ‘असली TMC’ संसदीय समूह के तौर पर मान्यता की मांग पाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलने की बात कही है और बागी सांसदों के समूह को असली टीएमसी होने का दावा किया है।
लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे बागी सांसद
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने पीटीआई वीडियो को बताया, ‘हमने लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंप दिया है। सोमवार को हम स्पीकर के पास जाएंगे और असली TMC संसदीय समूह बनाने का अपना दावा पेश करेंगे। हम स्पीकर से हमारे दावे को मान्यता देने का आग्रह करेंगे।’
कूचबिहार के सांसद, जो लोकसभा में NDA का समर्थन करने वाले सांसदों में शामिल हैं, ने दावा किया कि 19 सांसदों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर इकट्ठा करने की प्रक्रिया 8 जून को शुरू हुई थी।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि स्पीकर के साथ प्रस्तावित बैठक का समय अभी तय नहीं हुआ है। 19 TMC लोकसभा सांसदों के नाम और हस्ताक्षर वाली लिस्ट सामने आ चुकी है, हालांकि स्पीकर ओम बिरला को लिखा गया पत्र सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ममता बनर्जी के लिए संकट
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया था कि सांसदों को पाला बदलने के लिए उकसाया जा रहा है। वहीं जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने कीर्ति आजाद के इन आरोपों को खारिज कर दिया और कहा, ‘कीर्ति आजाद झूठे हैं। ऐसा कहना सही नहीं है। हम 19 सांसद हैं और वह भी एक सांसद हैं। इस तरह के आरोप लगाना सही नहीं है।’
ममता बनर्जी के लिए यह संकट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में TMC की हार के बाद शुरू हुआ और अब संसद तक फैल गया है। गुरुवार को, अभिनेत्री-सांसद कोयल मल्लिक और प्रकाश चिक बारिक ने पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया। उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने इस्तीफा दिया था।


