मुंगेर में अंतिम संस्कार की परंपरागत व्यवस्था अब आधुनिक तकनीक से जुड़ने जा रही है। आने वाले दिनों में शहरवासियों को एलपीजी गैस आधारित शवदाह गृह की सुविधा मिलेगी। दोमंठा घाट के निकट आधुनिक मोक्षधाम निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है।
नगर निगम ने इसके लिए जिला प्रशासन से लगभग एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
दरअसल, नगर विकास एवं आवास विभाग की पहल पर बिहार के कई प्रमुख शहरों में एलपीजी आधारित शवदाह गृह स्थापित किए जा रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना में मुंगेर को भी शामिल किया गया है।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि गैस आधारित शवदाह गृह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे लकड़ी की खपत कम होगी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ व समयबद्ध बनेगी।
भूमि मिलते आगे की कवायद तेज
भूमि मिलते ही शुरू होगी आगे की प्रक्रिया नगर निगम की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि शहर की बढ़ती आबादी और बेहतर नागरिक सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए आधुनिक मोक्षधाम का निर्माण समय की मांग है।
विभागीय मानकों के अनुसार, इस परियोजना के लिए लगभग एक एकड़ भूमि की आवश्यकता है। जमीन उपलब्ध होने के बाद निर्माण एजेंसी चयन, तकनीकी स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाओं को गति दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार पूर्व में दोमंठा घाट पर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह स्थापित करने की योजना पर विचार हुआ था, लेकिन अब विभागीय स्तर पर एलपीजी आधारित तकनीक को प्राथमिकता दी जा रही है।
नई व्यवस्था में तकनीकी बाधाएं कम होंगी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक सुगम बन सकेगी। कम समय में सेवा उपलब्ध होने से लोगों को भी राहत मिलेगी।
बार-बार खराब रहता है मौजूदा शवदाह गृह
शहर के लाल दरवाजा स्थित मुक्ति धाम में पहले से इलेक्ट्रिक शवदाह गृह संचालित है, लेकिन पुराना होने के कारण वह अक्सर खराब रहता है।
तकनीकी खराबी के चलते अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को मजबूरन लकड़ी का सहारा लेना पड़ता है। इससे खर्च बढ़ता है और परिजनों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शहर ही नहीं, ग्रामीणों को भी मिलेगा लाभ
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशानुसार नए गैस आधारित मोक्षधाम का निर्माण पहले से संचालित मोक्षधाम के आसपास करने पर जोर दिया जा रहा है। भूमि चयन और अन्य औपचारिकताओं को लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि आधुनिक मोक्षधाम शुरू होने से न केवल नगर निगम क्षेत्र बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। अब सबकी नजरें प्रशासनिक मंजूरी और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं।


