CBSE सत्यापन पोर्टल फिर से खोलने पर तत्काल निर्देश जारी करने से दिल्ली हाई कोर्ट का इनकार
12वीं कक्षा के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का सत्यापन पोर्टल फिर से खोलने के संबंध में कोई भी तत्काल निर्देश जारी करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इनकार कर दिया।
सीबीएसई द्वारा शुरू किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) व्यवस्था में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और कमियों के खिलाफ एनएसयूआइ की याचिका पर न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा व न्यायमूर्ति मधु जैन की अवकाश पीठ ने कहा कि अगर यह मांग मान ली गई तो छात्रों के अंतिम परिणाम में देरी होगी।
परीक्षा में शामिल होने वाले 17.8 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा
साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि इस संबंध में छात्र व्यक्तिगत रूप से सीबीएसई से संपर्क करें। अदालत ने उक्त आदेश तब दिया जब सीबीएसई की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि ऐसा निर्देश जारी करने से परीक्षा में शामिल होने वाले 17.8 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा, क्योंकि उनके नतीजे में देरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अंडरग्रेजुएट एडमिशन में रुकावट आ सकती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

