अग्ली के सेट पर Avika Gaur को महसूस हुई असहजता, बोली- ‘अब सब जान गए मुझे एक्टिंग…’

 धारावाहिक बालिका वधू से बतौर बाल कलाकार अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अविका गौर (Avika Gor) ने फिल्मों में अपना अभिनय सफर तेलुगु फिल्म उय्याला जंपाला से शुरू किया था। उसके बाद उन्होंने तेलुगु और हिंदी दोनों फिल्मों में काम किया। हाल ही में उनकी एक और तेलुगु फिल्म अग्ली स्टोरी भी प्रदर्शित हुई, इसके साथ वह एक बार फिर रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी।

अविका से उनकी योजनाओं, फिल्म और अभिनय सफर पर बातचीत हमने बातचीत की। पढ़िए इसके अंश:

बालिका वधू से अविका ने घर-घर पहचान बनाई, लेकिन क्या कभी इससे बनी छवि उनके पेशेवर सफर में बाधा भी बनी?

इस पर वह कहती हैं, ‘मैं तो चाहती हूं कि लोग मेरा वो काम याद रखें। बहुत नसीब वालों के साथ ऐसा होता है कि जिंदगी में कोई ऐसा कोई काम मिले, जिसके बारे में लोग 18 साल बाद भी बात करें। अगर लोग उसको दिमाग में रखकर मेरी फिल्में देखते हैं तो मैं बहुत खुश हूं। रही बात फिल्मकारों को मुझे अलग-अलग पात्रों में देखने की तो मेरे सामने ऐसे मौके आते रहते हैं। मैं तो लगातार प्रयोग कर रही हूं, मुझे अपने आस-पास कोई बंदिश नहीं महसूस हुई। अब तो सारे फिल्मकार भी जान गए हैं कि मुझे एक्टिंग आती है।’

इसलिए पकड़ी तेलुगु की डगर

हिंदी धारावाहिक में इतनी लोकप्रियता पाने के बाद फिल्मों में तेलुगु फिल्म से अपना अभिनय सफर शुरू करने के बारे में अविका बताती हैं, ‘जब मैंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अब मैं आगे बढ़कर फिल्में करना चाहूंगी, तब मेरे पास हिंदी और मराठी फिल्मों की भी स्क्रिप्ट आई। मैं उस उम्र में थी,जहां मुझे बहुत बड़ी भूमिका नहीं निभानी था। टीवी पर धारावाहिक ससुराल सिमर का में मैं वह पहले से ही कर रही थी। मुझे ऐसी भूमिका निभानी थी, जो मेरे हमउम्र हो, बहुत ज्यादा ग्लैमरस न हो।

तेलुगु फिल्म उय्याला जंपाला की स्क्रिप्ट बिल्कुल वैसी थी, जैसा मैं चाहती थी। इसी कारण से मैंने पहली फिल्म तेलुगु में की।’

खतरों के खिलाड़ी दोबारा

खतरों के खिलाड़ी का हिस्सा रहीं अविका इस साल 15वें सीजन में फिर शो में हिस्सा लेने जा रही हैं। वह कहती हैं, ‘मैं बहुत उत्साहित हूं। मैंने पहली बार जब खतरों के खिलाड़ी किया था, तब मुझे नहीं पता था कि यह कितना खतरनाक शो होगा? उसमें मुझे बहुत मजा भी आया, मेरे बहुत सारे दोस्त भी बने। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे वह सब करने का मौका दूसरी बार मिला है।

अब मैं पहले से ज्यादा परिपक्व हो चुकी हूं, मेरी समझ पहले से बदल चुकी है।’

फिल्मकार का अपना नजरिया

कुछ फिल्मों में महिलाओं के साथ अनैतिक व्यवहार को जुनूनी प्यार के तौर पर दिखाया गया। जिस पर चर्चा भी हुई। अविका कहती हैं, ‘सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म से लोग कुछ न कुछ सीख लेकर जाएं। जैसे बहुत से हीरो स्टाइल दिखाते हुए सिगरेट पीते हैं, जरूरी नहीं कि लोग भी उनके जैसा करें। हर फिल्मकार का नजरिया अलग होता है। अगर वह फिल्म में कोई चीज सिर्फ मनोरंजन के लिए दिखा रहा है, तो मुझे नहीं लगता कि उन्हें किसी बुराई का जिम्मेदार माना जाना चाहिए।

हर प्रोजेक्ट की कुछ अच्छे और कुछ बुरे पहलू होते हैं। हर निर्माता निर्देशक यह पहले से ही सोच कर रखते हैं कि उनकी फिल्म हर किसी को खुशी नहीं देने वाली है। हमें इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।’

महसूस हुई असहजता

अविका के अनुसार, उन्होंने अग्ली स्टोरी फिल्म के सेट पर करियर में पहली बार असहजता महसूस की। वह बताती हैं, ‘इस फिल्म में नंदू ने निगेटिव भूमिका निभाई है। कुछ सीन में वह मेरी आखों में धुआं छोड़ते हैं, कुछ में सिगरेट से हाथ जलाते हैं, मेरे पात्र के साथ पागलपन जैसा व्यवहार करता है, जिससे वह बेचारी महसूस करती है। यह सब सीन शूट करते हुए मैं बहुत ही अहसज महसूस कर रही थी। मेरे दिमाग में ख्याल आ रहे थे कि जिसके साथ ये चीजें सच में होती हैं, उसे कैसा लगता होगा। यही सोच मुझे बुरा महसूस करा रही थी।’

पति से डिस्कस करती हैं काम

अविका ने पिछले साल व्यवसायी मिलिंद चंदवानी से शादी की। उनसे काम को लेकर चर्चा के विषय में वह कहती हैं, ‘उनके साथ काफी चीजों पर चर्चा होती है कि इंडस्ट्री में कैसे, क्या हो रहा है, क्या प्रोजेक्ट है, क्या सही है? उनके साथ हर चीज पर चर्चा करती हूं। उनकी प्रतिक्रियाएं मेरे लिए मायने रखती हैं। वो इस इंडस्ट्री से नहीं है, तो उनका एक अलग नजरिया है। हालांकि, मुझे कौन सा प्रोजेक्ट करना है और कौन सा नहीं, उस पर अंतिम निर्णय मेरा ही होता है।’

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