पुणे के लोहगढ़ किले में मंगेतर को खाई में धक्का देकर हत्या के सनसनीखेज मामले के साथ इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की यादें फिर से ताजा हो गई हैं। इस मामले में आरोपित सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को कुछ उसी तरह खाई में धकेलकर हत्या करते हुए एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की, जिस तरह शिलांग में हनीमून पर गई सोनम रघुवंशी ने साजिश रचते हुए अपने पति की हत्या के बाद शव खाई में फेंक दिया था।
राजा की मां उमा रघुवंशी ने भी केतन मर्डर केस का जिक्र करते हुए दोनों मामलों के बीच समानताएं बताते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह उनके बेटे की हत्या के मामले में साजिश रची गई थी, उसी तरह केतन अग्रवाल प्रकरण में भी योजनाबद्ध तरीके से अपराध को अंजाम दिया गया।
केतन के मर्डर से फिर हरे हुए जख्म
मीडिया से चर्चा के दौरान उमा रघुवंशी ने कहा कि केतन अग्रवाल का मामला उन्हें अपने बेटे राजा रघुवंशी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं में कथित तौर पर पहले कहानी गढ़ी गई और फिर अपराध को अंजाम दिया गया। उन्होंने आरोपित सिया गोयल को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह “छोटी सोनम” की तरह व्यवहार कर रही है।
‘शादी नहीं करनी तो मना करें, लेकिन हत्या नहीं’
उमा रघुवंशी ने कहा कि यदि किसी युवती की शादी करने की इच्छा नहीं है तो उसे स्पष्ट रूप से इंकार कर देना चाहिए, लेकिन किसी के बेटे की जान लेने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपने परिवारों से खुलकर बात करने की अपील करते हुए कहा कि रिश्तों में असहमति का समाधान हत्या नहीं हो सकता।
आरोपितों को जल्द सजा देने की मांग
उन्होंने ऐसे मामलों में त्वरित न्याय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में आरोपितों को शीघ्र और कठोर दंड मिलना चाहिए। उनका कहना था कि न्याय में देरी से समाज में गलत संदेश जाता है और अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।
सोनम को मिली जमानत पर जताई नाराजगी
राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपित सोनम रघुवंशी को पिछले दिनों शिलांग की निचली अदालत से सशर्त जमानत मिलने पर भी उमा रघुवंशी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जमानत का फैसला समाज में यह संदेश दे सकता है कि गंभीर अपराधों के आरोपित भी आसानी से जेल से बाहर आ सकते हैं। इससे अपराध करने वालों में कानून का भय कम हो सकता है।
केतन के परिवार से संघर्ष जारी रखने की अपील
उमा रघुवंशी ने केतन अग्रवाल के स्वजन से न्याय की लड़ाई जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अभी तक अपने बेटे के लिए न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं, लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी है। उनका मानना है कि पीड़ित परिवारों को अंत तक कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
राजा रघुवंशी की मां के इन बयानों के बाद दोनों चर्चित मामलों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि, संबंधित मामलों की जांच और अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन हैं।


