मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हास्पिटल में गुरुवार अलसुबह लगी आग में शिवहर निवासी किसान सह बीमा अभिकर्ता उदय कुमार (57) की दर्दनाक मौत हो गई।
उदय कुमार जिले के तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर वार्ड आठ निवासी दीनदयाल साह के रहने वाले थे। उन्हें सोमवार को तेज बुखार की शिकायत के बाद स्थानीय चिकित्सकों ने रेफर कर दिया था।
इसके बाद स्वजनों द्वारा प्रसाद हास्पिटल मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया गया था। बुधवार की शाम उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें आइसीयू में शिफ्ट कर दिया था। गुरुवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी।
इसी बीच गुरुवार की अलसुबह अस्पताल में लगी आग ने उनकी जान ले ली। स्वजनों को उदय कुमार का कफन से लिपटा शव मिला। घटना की सूचना के बाद गांव में मातम पसर गया।
मृतक के घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रिश्तेदार पहुंचकर शव लाए जाने का इंतजार करने लगे। देर शाम शव लाए जाने के तुरंत बाद लोग अंतिम संस्कार के लिए निकल पड़े। उदय कुमार को एक पुत्र तीन पुत्री है। एक पुत्री की शादी हो चुकी है।
मृतक के स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया कि आग लगने के बाद अस्पताल के कुछ गार्ड और कर्मी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के बजाय गेट बंद कर वहां से भाग निकले। समय रहते बचाव कार्य किया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ था उस वक्त उदय कुमार की पत्नी नीलू देवी, सास बच्ची देवी, बेटा सत्यम कुमार, बेटी आकांक्षा व साला नीतीश कुमार भी अस्पताल में मौजूद थे। बुधवार को ही अस्पताल से ही सत्यम की मोबाइल गायब हो गई थी। इधर घटना के बाद पत्नी नीलू देवी सहित स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं।


