कुछ गाने सदाबहार होते हैं। उन गानों के बनने से जुड़ी यादें भी खास होती हैं। ऐसा ही एक गाना संगीतकार अनु मलिक के लिए भी यादगार है, क्योंकि उसकी धुन उन्होंने अपनी बेटी को याद कराई थी, ताकि अगर वह भूल जाएं, तो उनकी बेटी को वह गाना याद रहे।
रिकॉर्ड करने के लिए कैसेट नहीं था
हम बात कर रहे हैं साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म बीवी नंबर 1 की। अनु मलिक को झटपट धुन बनाने के लिए जाना जाता है। लेकिन उस धुन को तुरंत रिकार्ड करना भी जरूरी है। वरना कई बार दिमाग से चीजें निकल जाती है। आज मोबाइल के दौर में ऐसा करना आसान है, लेकिन जब चुनरी चुनरी गाना उन्होंने बनाया था, तब कैसेट का जमाना हुआ करता था। हर वक्त रिकार्डर और कैसेट पास रखना होता था।
गोवा में अचानक से याद आई धुन
अनु इस गाने से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए कहते हैं कि चुनरी चुनरी… की धुन मेरे दिमाग में तब आई थी, जब मैं गोवा में परिवार के साथ छुट्टियां मना रहा था। उस जमाने में कैसेट हुआ करते थे, जिस पर गाना रिकार्ड होता था। वह मैं साथ ले जाना भूल गया था। मेरे साथ मेरी बेटी अनमोल थी, जो तब बहुत छोटी थी।
बच्चो की याददाश्त अच्छी होती है। मैंने उससे कहा की गोवा से मुंबई जाने के बाद बीवी नंबर 1 के गानों के लिए उसके निर्देशक संग मेरी सीटिंग होने वाली है, एक धुन दिमाग में आ रही है, क्या तुम्हे याद रहेगी? उसने हां, कहा। फिर मैंने उसे आजा ना छू ले मेरी चुनरी सनम… की धुन याद करा दी।
बेटी ने तोतली आवाज में सुनाया गाना
जब फिल्म के निर्देशक डेविड धवन आए, तो मैं यहां वहां गाना ढूंढने लगा कि क्या धुन सुनाऊं। फिर याद आया कि एक धुन बेटी को याद कराई थी। मैंने उसको बुलाकर कहा कि आपको गाना याद है? उसने हां कहा और अपनी तोतली सी प्यारी सी आवाज में चुनरी चुनरी… की धुन गाकर सुना दी। फिल्म के निर्देशक तो यह गाना सुनते ही उछल पड़े। उन्होंने कहा की यही गाना तो चाहिए था। फिर हमने इस गाने को रिकार्ड किया। उसमें बीच में जो चुनरी चुनरी… लाइन आती है, वह मेरी आवाज है।


