जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित डुमरिया घाट पर शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया।
गंडक नदी को नाव से पार करने के दौरान तीन बच्चियों तेज धार व हवा की चपेट में आकर लापता हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई तथा स्वजन में चीख-पुकार गूंज उठी। जबकि नाव डूब गई।
नाव से खेत जा रही थीं बच्चियां
बताया जाता है कि सल्लेहपुर टंडसपुर गांव निवासी चंदन यादव की उम्र करीब दस वर्ष दो बेटियां तथा मजिस्टर राय की एक बेटी रोजाना की तरह गुरुवार सुबह खेती के काम से नदी के दूसरी तरफ जा रही थीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार तीनों बच्चियां गंडक नदी नाव से पार कर रही थीं। इसी दौरान नदी की तेज धार में एक बच्ची बहने लगी।
उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य बच्चियों भी गहरे पानी में चली गईं और देखते ही देखते तीनों लापता हो गईं। वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय मौसम अचानक बिगड़ गया था।
तेज हवा और बारिश शुरू होने के बाद नाव पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के प्रयास में कुछ लोग इधर-उधर भागने लगे, इसी दौरान तीनों बच्चियां नदी के तेज बहाव में समा गईं।
पानी में समा गई नाव
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। देखते ही देखते डुमरिया घाट पर भारी भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर से बच्चियों की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
हादसे के बाद टंडसपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है तथा स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल बना है। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया।
महम्मदपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर रवाना किया गया।
स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंडक नदी में लगातार सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि नदी के तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी परेशानी हो रही है।
खबर लिखे जाने तक तीनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। प्रशासन की निगरानी में तलाश अभियान लगातार जारी है। सदर एसडीपीओ 2 राजेश कुमार ने बताया कि तीनों बच्चियों को बरामद करने की कोशिश चल रही है।


