श्रीनगर थार हत्याकांड: चचेरे भाई की हत्या के दोषी अल्ताफ राथर को उम्रकैद, जुर्माना न देने पर 6 माह अतिरिक्त सजा
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के चर्चित थार हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी अल्ताफ राथर को अपने चचेरे भाई की हत्या के मामले में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर जुर्माना भी लगाया है और स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अल्ताफ राथर को हत्या का दोषी ठहराया। इसके बाद सजा सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आजीवन कारावास उचित है।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला पारिवारिक विवाद के दौरान हुई हत्या से जुड़ा था, जिसमें आरोपी ने अपने चचेरे भाई की हत्या कर दी थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया और सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष विभिन्न साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
फैसले के तहत अदालत ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह अतिरिक्त सजा मूल आजीवन कारावास से अलग होगी।
अदालत के इस फैसले के साथ लंबे समय से लंबित इस मामले का न्यायिक निष्कर्ष सामने आया है। हालांकि, दोषी के पास कानून के तहत उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

