महंगाई की मार…ड्राईफ्रूट्स, आटा- दाल और तेल, मसालों की बढ़ी कीमत; रसोई का बिगड़ा बजट

मध्य एशिया में तनाव बरकरार है। सीएनजी, पेट्रोल और डाॅलर की कीमत में उछाल के साथ ही ड्राई फ्रूट्स, आटा, सरसों का तेल, रिफाइंड, डालडा, दाल, आटा, नमकीन, मसाले, खड़े मसाले, सब्जी, दुग्ध, पेय पदार्थ, ट्रांसपोर्ट और मालभाड़ा सहित कई जरूरतों का सामान महंगा हो गया है।

इससे सीधे तौर पर शहरवासियों का मासिक खर्च बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई बढ़ने से एक परिवार का लगभग दो से पांच हजार का अतिरिक्त खर्चा बढ़ा है। जिसके कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

पिस्ता की कीमत 2600 से बढ़कर हुई 3300 रुपये

ओल्ड विजय नगर स्थित पुनीत सेल्स के संचालक संजीव ने बताया कि थोक रेट पर काजू की कीमत 900 से बढ़कर 1100 रुपये हो गए हैं।, वहीं बादाम 800 से 905, किशमिश 300 से 400, पिस्ता 2600 से 3300, अखरोट 450 से 900, मखाना 500 से 1000, अखरोट 600 से 900 व अखरोट मिंग्गी की कीमत 800 से बढ़कर लगभग 1100 रुपये हो गई है।

दाल पर भी बढ़े दाम

शिवहरे ट्रेडर्स के संचालक प्रमोद गुप्ता का कहना है कि सभी प्रकार के चावलों पर 10 से 30 रुपये तक बढ़ गए हैं। काबुली चना की कीमत 100 से 110 रुपये हो गई है, साथ ही अरहर की दाल 100 से 115, काला चना 60 से 68, चने की दाल 67 से 72 और उड़द दाल की कीमत 95 से बढ़कर 100 रुपये हो गई है।

खाद्य तेल, मसालों व आटा की बढ़ी कीमत

प्रवेश प्रोविजनल स्टोर के संचालक हेमंत अग्रवाल ने बताया कि ड्राईफ्रूट्स के साथ ही खाद्य तेल, मसालों, आटा, नमकीन, सेंधा नमक, साबुन, सर्फ आदि की कीमत बढ़ गई है। डालडा की कीमत 140 से बढ़कर 160 रुपये हो गई है।

वहीं, खुला रिफाइंड की कीमत 150 से बढ़कर 170, काली मिर्च 600 से 800, जीरा 250 से 350, सेंधा नमक 50 से 70, कच्चा साबुन 40 से 80, साबूत मिर्च 200 से 260, साबुत हल्दी 200 से 240 और साबुत धनिया 140 से 160, सरसों का तेल 160 से 170 और आटा की कीमत 30 से बढ़कर 32 रुपये हो गई है।

सब्जियों पर बढ़े 10 से 50 रुपये

सब्जी विक्रेता सुमित ने बताया कि एक महीने से सब्जियों पर निरंतर महंगाई बढ़ रही है। गोबी, धनिया, हरी मिर्च, भिंडी, तोरई, पालक, मूली आदि पर 10 से 50 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। हमें मंडी से अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही है।

साथ ही मालभाड़ा महंगा हो गया है, पहले बसई, फतेहाबाद रोड से 509 के पास तक लाने के 100 रुपये लगते हैं, अब 150 से 200 रुपये देने पड़ते हैं।

दो से पांच हजार का बढ़ा अतिरिक्त खर्चा

सीए एसके बाजपेई का कहना है कि पेट्रोल, सीएनजी, सब्जी, राशन, ड्राईफ्रूट्स आदि पर बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूट रही है। जो व्यक्ति 10 से 15 हजार की कमाई कर रहा है। उसके लिए बहुत मुश्किल हो रही हैं। महंगाई बढ़ने से मध्यवर्गीय परिवार को दो से पांच हजार रुपये का अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने, रोजाना का खर्च बढ़ने, मैन्युफैक्चरिंग कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ता पर महंगाई की डबल मार पड़ रही है।

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