बिहार में जीविका दीदियों के लिए दूसरी किस्त की प्रक्रिया तेज: ऐसे करें आवेदन, नहीं कटेगा लाभुकों का नाम

JEEViKA के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले में दूसरी किस्त की राशि जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभाग की ओर से लाभुक जीविका दीदियों के आवेदन फार्म भरवाने का कार्य तेजी से चल रहा है।

अब तक करीब 3860 जीविका दीदियों के आवेदन ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लाभुकों के आवेदन भरने और अपलोड करने का कार्य लगातार जारी है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी आवेदनों का सत्यापन भी साथ-साथ किया जा रहा है।

प्रथम किस्त का सही उपयोग करने वालों को ही मिलेगा लाभ

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दूसरी किस्त का लाभ केवल उन्हीं जीविका दीदियों को मिलेगा, जिन्होंने प्रथम किस्त की राशि का सही तरीके से उपयोग किया है।

साथ ही जीविका द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

विभाग की ओर से दूसरी किस्त के लिए कई मापदंड तय किए गए हैं। इन मापदंडों की जांच के बाद ही पात्र लाभुकों को अगली राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे योजना के सही क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में 3.38 लाख महिलाओं को मिली थी पहली किस्त

जानकारी के अनुसार जिले में प्रथम किस्त की राशि 3 लाख 38 हजार 201 जीविका दीदियों को उपलब्ध कराई गई थी।

अब इन्हीं लाभुकों को दूसरी किस्त देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

विभागीय स्तर पर आवेदन संग्रह, दस्तावेज सत्यापन और ऑनलाइन प्रविष्टि का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि पात्र महिलाओं को समय पर लाभ मिल सके।

दूसरी किस्त के लिए पूरे करने होंगे जरूरी मापदंड

दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि के उपयोग का प्रमाण देना होगा।

साथ ही परिवार की प्रोफाइल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एमआईएस) में दर्ज होना भी जरूरी है।

इसके अलावा लाभुकों को वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण लेना, स्वयं सहायता समूह की बैठकों में नियमित भागीदारी करना और लगातार तीन माह तक बचत करना अनिवार्य किया गया है।

व्यवसायिक योजना और ऋण भुगतान भी जरूरी

विभाग ने लाभुकों के लिए व्यवसायिक योजना तैयार करना भी जरूरी किया है। साथ ही ग्राम संगठन से दूसरी किस्त की मांग का अनुमोदन लेना होगा।

व्यवसाय से संबंधित आय-व्यय पंजी का नियमित संधारण तथा स्वयं सहायता समूह से लिए गए ऋण की समय पर अदायगी भी अनिवार्य शर्तों में शामिल है।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने की तैयारी

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी मापदंडों की जांच पूरी होने के बाद योग्य जीविका दीदियों के खातों में दूसरी किस्त की राशि भेजी जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और छोटे व्यवसाय को मजबूत बनाना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

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