शहर के प्लस टू स्कूलों में इंटर नामांकन को लेकर इस वर्ष भारी भीड़ उमड़ रही है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के महज दस दिनों के भीतर ही सरकारी प्लस टू स्कूलों में क्षमता से दो से तीन गुना अधिक आवेदन फार्म वितरित हो चुके हैं।
इस कारण पीएमश्री टाटा वर्कर्स यूनियन प्लस टू स्कूल कदमा ने तो फार्म ही बेचना बंद कर दिया है।
12 वीं में नामांकन के लिए मात्र तीन स्कूल
इस वर्ष मैट्रिक में 5 हजार विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं एवं 12वीं में नामांकन को शहर में मात्र टाटा वर्कर्स यूनियन प्लस टू स्कूल कदमा, राजकीयकृत आदिवासी हाईस्कूल सीतारामडेरा, पीएमश्री पीपुल्स अकादमी प्लस टू स्कूल, न्यू बाराद्वारी तीन स्कूल ही है।
शहर में सरकारी प्लस टू स्कूलों की कमी के कारण एडमिशन को लेकर सबसे अधिक परेशानी हो रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। विभाग ने निर्णय लिया है कि आदिवासी प्लस टू उच्च विद्यालय, सीतारामडेरा में दो शिफ्ट में इंटर की पढ़ाई कराई जाएगी।
बेंच-डेस्क उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव
इसके अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन प्लस टू स्कूल के नए भवन को खोलने का प्रस्ताव भी है। साथ ही इन सभी स्कूलों में आवश्यकतानुसार बेंच-डेस्क उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी स्कूलों से इस संबंध में लिखित रूप से प्रस्ताव मांगा है।
वर्तमान में पीपुल्स अकादमी व सीताराडेरा हाईस्कूल में फार्म वितरण का कार्य जारी है। पीपुल्स अकादमी में अब तक 1000 तो सीतारामडेरा में अब तक 600 फार्म वितरित किए जा चुके हैं। सभी स्कूलों में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के लिए 250-250 सीटें ही निर्धारित है।
अब विभाग को सीटों को बढ़ाने की चुनौती के साथ आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ शिक्षकों को भी इन स्कूलों में प्रतिनियुक्ति करनी होगी।


