पूर्व केंद्रीय मंत्री व पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर बस अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। उसके पहले के निर्देश भी पूरे देश में लागू नहीं हुए हैं।
मेनका ने कहा कि शीर्ष अदालत ने बस इतना कहा है कि हमने नवंबर में जो कहा था, वही किया जाना चाहिए। नवंबर से अब तक किसी ने कुछ नहीं किया। एक भी शेल्टर व अस्पताल नहीं बना। न किसी बस स्टॉप, स्कूल, कॉलेज से कुत्तों को हटाया। यह तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
पशु अधिकार कार्यकर्ता गौरी मौलेखी ने कहा कि पहले अदालत ने अलग-अलग जगहों से आवारा कुत्ते हटाने को कहा था, लेकिन अब स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए ये फैसले राज्यों पर छोड़ दिए गए हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का स्वागत किया और कहा कि उनका संगठन ‘लोक अभियान’ लंबे समय से आवारा कुत्तों के हमलों और जनता को होने वाली असुविधा से जुड़ी चिंताओं को उठाता रहा है।


