कैरियर को नई उड़ान देने के लिए अमेरिका जाने का फैसला सही है या नहीं, इसको लेकर एक कैरियर कोच ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि US जाने से सारी समस्याएं हल नहीं हो जाएंगी; कुछ लोग ऐसे भी हैं जो भारत में बेहतर स्थिति में हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि US जाने का फैसला जल्दबाजी में या अपने कैरियर के बीच में नहीं लेना चाहिए।
US की मौजूदा स्थिति को समझकर करें फैसला
दरअसल, ओपन वेंचर के हेड ऑफ ग्रोथ अनुष्क शर्मा ने बताया कि हाल ही में उनके एक दोस्त ने उनसे पूछा कि क्या उसे US से MS करना चाहिए। उनका जवाब था नहीं, क्योंकि वह दोस्त बेंगलुरु में पहले से ही 18 लाख रुपये कमा रहा था। शर्मा ने कहा, “US कोई बुरी जगह नहीं है, लेकिन उन्होंने अपने दोस्त को यह सलाह US की मौजूदा स्थिति की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए दी क्योंकि वह दोस्त पहले से ही एक ऐसा खेल जीत रहा था जिसमें ज्यादातर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अभी घुसने की कोशिश ही कर रहे हैं।”
शर्मा ने आगे कहा, “लोगों को गलत वजहों से US नहीं आना चाहिए, क्योंकि इससे उनका कैरियर बर्बाद हो सकता है। अपनी पोस्ट में उन्होंने तीन तरह के लोगों के बारे में बताया जिन्हें US नहीं आना चाहिए, और अगर वे US आने का प्लान बना रहे हैं, तो उन्हें अपने फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए।
अनुष्क ने तीन बिंदुओं में अपनी बात कही:
1. वे लोग जो भारत में CS, IT या Data Science के क्षेत्र में पहले से ही 15 लाख से 20 लाख रुपये के बीच कमा रहे हैं। आपके पास पहले से ही वह सब कुछ है जिसके पीछे ज्यादातर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स पूरी दुनिया घूमकर आते हैं। यहां आपकी पोस्ट-ग्रेजुएशन की सैलरी शायद उतनी भी न हो जितनी आप भारत में छोड़कर आए हैं। आप खुद को अपग्रेड नहीं कर रहे हैं। आप एक मजबूत स्थिति में होते हुए भी जुआ खेल रहे हैं।
2. US की डिग्री तब काम आएगी जब कैंडिडेट के पास सही स्किल्स हों। अभी तो Harvard, Stanford और MIT के स्टूडेंट्स को भी बिना असली स्किल्स के नौकरी नहीं मिल रही है। US की डिग्री सिर्फ एक मुहर है, कोई स्किल नहीं। रिक्रूटर्स ऐसे लोगों को नौकरी पर रख रहे हैं जो कुछ करके दिखा सकें, न कि ऐसे लोगों को जो सिर्फ बड़े-बड़े नामों वाली मार्कशीट लेकर खड़े हों।
3. वे लोग जिनकी आर्थिक स्थिति US जाने का खर्च उठाने लायक नहीं है। आज लिया गया एक गलत लोन, कल 10 साल की कर्ज की सजा बन सकता है। यहां सैलरी कम होती है, नौकरी ढूंढने में ज्यादा समय लगता है, और OPT की समय-सीमा को आपके परिवार की EMI से कोई लेना-देना नहीं होता। US का सपना सच हो सकता है, लेकिन यह कोई गारंटी नहीं है। यह एक सोच-समझकर उठाया गया कदम है।


