ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों, अन्य ग्राम स्तरीय कर्मियों की उपस्थिति सुधारने, लापरवाही खत्म करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने अच्छी पहल की है।
उन्होंने विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित कराकर सात कर्मचारी लगाए हैं। ये कर्मचारी किसी भी दिन अलग-अलग क्षेत्र के कर्मियों को वीडियो काल कर उनकी उपस्थिति दर्ज करेंगे। साथ ही ग्रामीण भी अपने क्षेत्र की समस्याओं व शिकायतों को बता सकेंगे। इसके लिए नंबर जारी किए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों, अस्पतालों, पंचायत भवनों व आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात कर्मियों की उपस्थिति में अक्सर घालमेल की शिकायतें आती हैं। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने विकास भवन में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में कंट्रोल रूम की स्थापना करा इसके निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह को दी है।
कंट्रोल रूम से ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों, सफाई कर्मियों, पंचायत सचिवों व सहायकों, रोजगार सेवकों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम की किसी भी दिन औचक तैनाती स्थल से ही वीडियो काल पर उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
इनके अनुपस्थित मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसका पूर्ण विवरण एक रजिस्टर में अंकित किया जाएगा। साथ ही जल जीवन मिशन, नई सड़कों, निर्माणाधीन निर्माण कार्यों, हैंडपंप, तालाब, आइजीआरएस, आरबीएसके टीमों, पीएचसी व सीएचसी के चिकित्सकों, स्टाफ का भी फीडबैक लेकर रजिस्टर में अंकन करने के साथ संबंधित विभाग के अधिकारी को इसकी जानकारी दी जाएगी।
इसके लिए टोल फ्री नंबर 05282-298176 जारी किया गया है। कंट्रोल रूम के लिए एक नोडल, सात अधिकारी व कर्मचारी नियुक्त कर उनके मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं।
कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि जन समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के आदेश पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। अब यहां से नियमित मानिटरिंग की जाएगी तथा वीडियो काल के माध्यम से ग्राम स्तरीय कर्मियों की उपस्थित दर्ज की जाएगी। इससे अक्सर अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी पकड़े जाएंगे।


