कैथल में कपिल मुनि सरोवर में छलांग लगाने के बाद दो सगी बहनों की मौत, जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं

 समय भी इंसान को न जाने किन-किन खुशियों और गमों की गलियों में घुमाता है। एक बड़ी दर्दनाक घटना कलायत में सामने आई। निजी ड्राइवर रविंद्र कुमार के घर में मंगलवार को बेटी पलक के जन्मदिन के अवसर पर केक काटते हुए खुशी मनाई जानी थी, लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था। सुबह ही परिवार की बेटियों की मौत की खबर के साथ मातम ने दस्तक दी।

बेटी पलक व परमजीत की प्राचीन कपिल मुनि सरोवर में कूदने से मौत हुई वे अपने पीछे पीड़ा का सैलाब छोड़ गई। बहनों की बाबुल के घर से ढोली में बैठने की बजाए अर्थी को पिता के कंधे मिले। कलायत के एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर ऐसा दुख टूटा कि पूरे क्षेत्र की आंखें नम हो गईं।

मृतक बहनों में 20 वर्षीय पलक और 18 वर्षीय परमजीत शामिल हैं। पलक परिवार की बड़ी बेटी थी और घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए एक गैस एजेंसी में नौकरी करती थी। 19 मई को पलक का जन्मदिन था। ऐसी घटना घटी और दोनों लड़कियां दुनिया से चल बसी।

घटना को लेकर ये अनुमान

घटना को लेकर यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि एक बहन को डूबता देख दूसरी उसे बचाने के लिए पानी में कूद गई होगी, क्योंकि कहीं भी ऐसे पहलू फिलहाल सामने नहीं आए जिसमें यह साफ हुआ हो कि बहनों ने एक साथ मौत को गले लगाने की राह पकड़ ली हो।

जिस प्रकार प्राचीन कपिल मुनि मंदिर के सीसीटीवी में दोनों बहने तेज गति से सरोवर की तरफ जाती नजर आ रही है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जो हुआ वह जल्दबाजी भरा रहा। इसके चलते ही दोनों बहने सरोवर पर पहुंची।

दो जवान बेटियों की मौत से आंखें नम

घर के आसपास रहने वाले और परिचित लोग यह भी कह रहे हैं कि परिवार के सदस्यों में बेहतर मेलजोल था। सदस्य एक दूसरे की भावनाओं की काफी कद्र करते थे। पिता आर्थिक रूप कमजोर होने के बावजूद भी बेटा, बेटियों और पत्नी के प्रति काफी गंभीर है। दो जवान बेटियों की मौत ने हर आंख को नम कर रखा है। मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सरोवर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

हादसे के बाद प्राचीन सरोवर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वहां किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नाव, लाइफ जैकेट या सुरक्षा कर्मियों की उचित व्यवस्था नहीं थी।

विवशता में प्राचीन कपिल तीर्थ कमेटी प्रधान राजू कौशिक ने एक युवक राजबीर रहबारी के साथ जान हथेली पर रख पानी में डूब रही पलक और परमजीत को बचाने के लिए गहरे पानी में छलांग लगा दी। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

जान देने से नहीं होता किसी समस्या का हल: राणा

राज्य बाल संरक्षण आयोग की निवर्तमान सदस्य सुमन राणा ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को मानसिक तनाव से बाहर निकालना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे हालात में परिवारों और बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग की जानी चाहिए।

ताकि वे भावनात्मक दबाव का सामना कर सकें। इसी तरह बच्चों और युवाओं को भी कभी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे परिवार को आफत का सामना करनापड़े। मौत को गले लगाना तो किसी भी समस्या का तनिक भी हल नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *