उत्तर प्रदेश आईटीआई में अनुदेशक संकट: प्रवेश प्रक्रिया पर गहराया असर

प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अनुदेशकों की भारी कमी है। जिस ट्रेड के लिए शिक्षक नियुक्त हैं, उन्हें दूसरे ट्रेड के विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ रहा है।

राजधानी के अलीगंज स्थित राजकीय आईटीआई में ड्राफ्टमैन मैथ के पद पर नियुक्त सुमंत गौतम वेल्डिंग ट्रेड के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं, क्योंकि वेल्डिंग अनुदेशक का पद वर्षों से रिक्त है।

वहीं, मलिहाबाद आईटीआई में फैशन ट्रेड के लिए नियुक्त संदीप गौतम एम्प्लायबिलिटी स्किल पढ़ा रहे हैं।प्रदेश के 305 राजकीय आईटीआई में अधिकांश ट्रेड अनुदेशकों के अभाव में इसी तरह संचालित हो रहे हैं।

केंद्र सरकार के कौशल विकास महानिदेशालय ने ट्रेडवार अनुदेशकों की नियुक्ति और उनका पूरा विवरण उपलब्ध कराने के बाद ही नए सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

महानिदेशालय के अनुसार 25 विद्यार्थियों पर एक अनुदेशक का मानक तय है, जबकि वर्तमान में कई संस्थानों में एक शिक्षक पर 50 से 80 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रशिक्षण महानिदेशालय के निर्देशों के बाद प्रदेश के प्रशिक्षण निदेशालय में लगातार बैठकों का दौर जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि 40 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं। इतने कम समय में भर्ती प्रक्रिया पूरी करना आसान नहीं है। ऐसे में ट्रेडवार प्रवेश प्रक्रिया पर फिलहाल संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

हालांकि, अधिकारियों ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने और बाद में नियुक्तियां करने का आश्वासन दिया है।

निजी आईटीआई संचालकों ने भी खोला मोर्चा

सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी आईटीआई संचालकों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। पहले वे फीस बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, अब तीसरी ट्रेड बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

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