सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति केंद्र योजना के तहत गुरुवार को हजारीबाग स्थित उद्योग एवं व्यापार मंडल सभागार में उद्यमी जागरूकता एवं विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति केंद्र योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सरकारी खरीद प्रक्रिया, विक्रेता पंजीकरण, ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा खरीदे जाने वाले उत्पादों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
इसके अलावा उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा व्यवसाय विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर छोटे उद्यमी अपने कारोबार को नई दिशा दे सकते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में 107 से अधिक वर्तमान एवं भावी उद्यमियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और सरकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया को समझा।
इस अवसर पर रांची स्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय के निदेशक इंजीनियर नवीन यादव, जिला उद्योग केंद्र हजारीबाग के महाप्रबंधक एकम मनी तथा झारखंड उद्योग एवं व्यापार मंडल के अध्यक्ष राहुल पुरवार सहित कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में उद्यमियों को स्वरोजगार और व्यवसाय विस्तार के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।


