बकाया टैक्स न चुकाने पर आयकर विभाग का शिकंजा, अलीगढ़ में 100 खाते अटैच

 वकाया टैक्स न चुकाने वाले आयकर दाताओं पर विभाग कड़ा रवैया अपनाए हुए है। बार्ड व सर्किल के आयकर अधिकारियों द्वारा लंबित कर का भुगतान न करने व बार-बार नोटिस का जबाव न देने वालों के बैंक के खाते विभाग के खाते से अटैच कर दिए हैं।

जनवरी से वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2025 -26 तक 100 खातों को अटैच कर दिए गए हैं। वहीं एक अप्रैल से अब तक तीनों बार्ड से करीब 75 बैंक खाते अटैच करने की तैयारी है। इनमें से कई आयकरदाता अपने सीए व आयकर अधिवक्ताओं की शरण में हैं।

इनके माध्यम से इन्होंने अपने केस प्रधान आयकर आयुक्त अपील के यहां केस दाखिल किया है। प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय परिक्षेत्र में करीब 2700 करोड़ रुपये का वकाया टैक्स चल रहा है।

आयकर अधिकारियों द्वारा जारी नोटिसों के जबाव न दाखिल करने पर कार्रवाई

जिले में अब दो बार्ड हैं। इनमें ए में करीब तीन लाख 40 हजार व बी में करीब पौने तीन लाख आयकर दाता हैं। प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय, अलीगढ़ के सर्किल में अलीगढ़, कन्नौज, फरुखाबाद व मैनपुरी जिला भी शामिल हैं। सर्किल में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसे करदाता जिनकी वार्षिक आय 15 लाख रुपये से अधिक है, उनका आयकर सर्किल में जमा किया जाता है।

विभाग के अनुसार इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये से अधिक कर दिया गया है। जिन आयकरदाताओं की आय 20 लाख से अधिक है, उनका आयकर का विवरण लेखा-जोखा व केस सर्किल में सुना जाएगा।

बकाया कर न देने वाले आयकरदाताओं पर विभाग शिकंजा कस रहा

बकाया कर न देने वाले आयकरदाताओं पर विभाग शिकंजा कस रहा है। जिन आयकर दाताओं ने आयकर जमा करने वाले नोटिसों को नजरअंदाज किया है, या जान बूझकर कर जमा नहीं कर रहे, उन पर विभाग के आयकर अधिकारी दबाव बना रहे हैं। ऐसे 100 से अधिक करदाताओं के बैंक खाते अटैच कर दिए गए हैं। इनमें 50 हजार से लेकर 15 लाख रुपये तक के कर दाता है। इनमें अधिकांश व्यापारी व उद्यमी हैं।

आयकर विभाग जारी करता है नोटिस

खाता अटैच करने से पहले आयकर अधिकारी बैंको को पत्र जारी कर सूचित करता है। इसके बाद बैंक उस धनराशि को आयकर विभाग के खाते में जमा करने के लिए प्रक्रिया करती है। आयकर अधिकारी की द्वारा वकाया टैक्स लेने या संतुष्टी व आयकरदाता के आपसी सहमति के बाद ही खाता के अटैचमेंट को हटाने की प्रक्रिया होती है।

‘अगर किसी व्यक्ति या बिज़नेस पर टैक्स, पेनल्टी या ब्याज बकाया है और भुगतान नहीं किया गया, तो विभाग बैंक अकाउंट अटैच कर सकता है। इस तरह के हमारे पांच क्लाइंट के बैंक अकाउंट अटैच किए गए। – संजीव गोयल, सीए’
‘बार-बार नोटिस का जवाब न देना, रिटर्न न भरना, जानकारी छुपाना आदि को लेकर आयकर विभाग कड़ा रवैया अपनाए हुए है। वकाया टैक्स जमा न करने वाल आठ उद्यमियों के बैंक अकाउंट अटैच किए गए। – गौरव वार्ष्णय, सीए’

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