NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पुणे की एक शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है। अब तक अलग-अलग शहरों से नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, महाराष्ट्र की एक सीनियर टीचर मंधारे एनटीए से जुड़ी एक विशेषज्ञ के तौर पर काम रही थी और बॉटनी-जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी। जांच के मुताबिक, मंधारे पुणे के शिवाजीनगर इलाके में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में कार्यरत थीं।
जांचकर्ताओं का दावा है कि अप्रैल 2026 के दौरान मंधारे ने कथित तौर पर एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के माध्यम से कुछ चुनिंदा NEET उम्मीदवारों की पहचान की। मनीषा को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
घर पर दी गई खास कोचिंग
सीबीआई के अनुसार, पुणे में मंधारे के घर पर खास कोचिंग सेशन आयोजित किए गए थे। इन सेशन्स के दौरान, कथित तौर पर छात्रों से कहा गया था कि वे बॉटनी और जूलॉजी के जरूरी सवालों को अपनी नोटबुक में लिखें और उन्हें अपनी टेक्स्टबुक में भी निशान लगा लें। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कई सवाल बाद में NEET UG 2026 के असली बायोलॉजी पेपर से मेल खा गए।
एजेंसी का मानना है कि इस ऑपरेशन में अंदरूनी लोग, बिचौलिए और ऐसे उम्मीदवार शामिल थे जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा के संभावित प्रश्न हासिल करने के लिए बड़ी रकम चुकाई थी। बता दें कि शिक्षा मंत्रालय के अधीन उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के बाद 12 मई 2026 को सीबीआई द्वारा इस मामले को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया था।


