चड़क पूजा: शिवभक्तों ने शरीर में कील चुभोकर दिखाई अटूट आस्था, देखने वाले देखते रह गए

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चड़क पूजा आस्था और रोमांच का अद्भुत संगम है। धनबाद शहर के स्टील गेट शिव मंदिर परिसर में शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट करते हुए शरीर में कील चुभोकर पूजा-अर्चना की, जिसे देखकर लोग दंग रह गए।

हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। पूजा के साथ लगे मेले, छाऊ नृत्य और खोरठा ऑर्केस्ट्रा ने माहौल को उत्सव में बदल दिया, जहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं, सरायढेला सुगियाडीह के सूरज कुमार ने अपने शरीर में 16 कील लगाकर आस्था का परिचय दिया।

उन्होंने बताया कि वह आठ वर्षों से पूजा कर रहे हैं। भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था है, इसलिए प्रत्येक वर्ष पूजा करते हैं। चड़क पूजा समिति, कोला कोसुमा ग्राम पंचायत के तत्वावधान में पूजा का आयोजन किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

आस्था, विश्वास और भक्ति के उल्लास के साथ लोगों ने पूजा और मेले का आनंद लिया। वहीं, कई श्रद्धालु शरीर में कील लगाकर भक्ति में झूमते रहे और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।

इस साल अब तक 117 ने की पूजा

समिति के सचिव उमेश महतो ने बताया कि यह पूजा वर्षों से की जा रही है। पहले यह आयोजन छोटे स्तर पर होता था, लेकिन अब इसे भव्य रूप दिया गया है। पूजा के दौरान छाऊ नृत्य, भक्ति जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। इस वर्ष कुल 117 भक्तों ने चड़क पूजा की। साथ ही मंदिर परिसर में मेला भी लगाया गया है।

मेले में सरायढेला व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की भीड़ उमड़ी। पूजा को सफल बनाने में अध्यक्ष तारा रजवार, कोषाध्यक्ष विश्वजीत महतो, संतोष महतो, सह-कोषाध्यक्ष भीम महतो, उपाध्यक्ष फुचा महतो, बैजनाथ महतो, कुलदीप महतो, संयुक्त सचिव संतोष महतो, आकाश महतो, हरि महतो, गोपाल महतो आदि की भूमिका रही।

चड़क पूजा में महिलाओं की आस्था और उत्साह दिखा

पूजा के दौरान पुरुष शिवभक्तों के साथ महिलाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। शिवभक्तों के घर की महिलाओं ने तीन दिनों तक उपवास रखकर पूजा में हिस्सा लिया। जब शिवभक्त शरीर में कील चुभोकर भोक्ता खूंटा में घूम रहे थे, तब महिलाएं सिर पर कलश लेकर खूंटा के चारों ओर खड़ी रहीं। पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने आम के पत्ते से शिवभक्तों के शरीर पर जल छिड़ककर आस्था और श्रद्धा प्रकट की।

पूजा के दौरान लगे मेले में लोगों ने उठाया लुत्फ

चड़क पूजा के साथ मेले का भी आयोजन किया गया, जहां आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। तरह-तरह के खाने-पीने की दुकानें लगी थीं। वहीं, विभिन्न प्रकार के सामानों की दुकानें भी सजाई गई थीं। मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की काफी भीड़ रही। सभी ने आनंद के साथ विभिन्न प्रकार के सामानों की खरीदारी की।

चड़क पूजा में खोरठा ऑर्केस्ट्रा ने बांधा समां

रात्रि में आयोजित खोरठा ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक रोबिन गोराई और उनकी टीम ने एक से बढ़कर एक खोरठा गीत, संगीत एवं आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। दर्शक कलाकारों की प्रस्तुति पर झूमते नजर आए।

आठ साल से पूजा कर रहा हूं। लगातार बीमार रहने पर स्वस्थ होने के लिए भगवान शिव से मन्नत मांगी थी। ठीक होने पर निरंतर पूजा कर रहा हूं।– आकाश महतो, श्रद्धालु

भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था है। इसलिए चड़क पूजा करता हूं। लगातार पांच साल से पूजा कर रहा हूं। पूजा के दौरान मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है।– विश्वजीत महतो, श्रद्धालु

चड़क पूजा करने के बारे में छोटी उम्र से ही सोच रहा था। इस बार पहली बार पूजा कर रहा हूं। भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था है।– चंदन कुमार रजवार, श्रद्धालु

चड़क पूजा करने के लिए हर बार ड्यूटी से छुट्टी लेकर आता हूं। पूजा को लेकर काफी उत्साह रहता है। इस दौरान कई लोगों से मिलने का मौका भी मिलता है।– कलेश्वर रजवार, श्रद्धालु

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