बॉलीवुड फिल्म केरल स्टोरी 2 मामले की सुनवाई करने वाले केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मद्रास हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। मद्रास हाईकोर्ट का वर्तमान मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव 5 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले है। उसके ठीक एक दिन बाद 6 मार्च, 2026 को अपना पदभार संभालेंगे।
जस्टिस धर्माधिकारी उस खंडपीठ का हिस्सा थे, जिसने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड’ की रिलीज पर रोक लगाने वाले एकल पीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की थी।
‘द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड’ फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों की रोक लगाने वाले एकल पीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपील पर विचार किया। जिसने जस्टिस धर्माधिकारी और जस्टिस पी.वी. बालकृष्णन की पीठ ने गुरुवार देर शाम करीब दो घंटे की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
क्या था मामला?
फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह की तरफ से दलीलें सुनने के बाद सिंगल जज के अंतरिम आदेश के खिलाफ अपील की थी, बेंच ने देखा कि फिल्म के सर्टिफिकेशन का विरोध करने वाली दलीलें एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) जैसी थीं और सवाल किया कि सिंगल जज इस पर कैसे सुनवाई कर सकते हैं।
हालांकि, बेंच ने सुनवाई खत्म होने पर कोर्ट में कोई अंतरिम आदेश पास नहीं किया, जैसा कि प्रोड्यूसर ने मांगा था।
इससे पहले, एकल न्यायाधीश जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाते हुए कहा था कि सेंसर बोर्ड (CBFC) द्वारा कानूनी आवश्यकताओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म से सांप्रदायिक द्वेष या किसी समुदाय के अपमान की संभावना के कारण उच्च अधिकारियों की जांच के बिना इसे रिलीज करना कानूनी रूप से अनुचित होगा।
कौन हैं जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी?
जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी का जन्म 8 जुलाई, 1966 को रायपुर में श्री अरविंद एच. धर्माधिकारी और श्रीमती शुभा धर्माधिकारी के घर हुआ था। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से वाणिज्य और कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने 1992 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया था।


