भारत सरकार की ओर से सोने-चांदी पर आयात शुल्क छह से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद सराफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। नई व्यवस्था के तहत 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और पांच प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस शामिल किया है। इस कारण देशभर में सोना-चांदी महंगे हो गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से एक वर्ष तक सोना न खरीदने के आह्वान के बाद सराफा कारोबारियों और ग्राहकों की नजरें अब बाजार की आगामी स्थिति पर टिकी हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में फिलहाल इसका असर सामान्य दिखाई दे रहा है। कारोबारियों का मानना है कि जून तक बाजार में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पपरोला बाजार में यह रहा भाव
जिला कांगड़ा की प्रमुख ज्वेलरी मार्केट में शामिल पपरोला में बुधवार को आयात शुल्क बढ़ने के बाद 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर करीब 1,64,650 रुपये तक पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 1,53,000 रुपये तक बिकता रहा। एक ही दिन में सोने के दाम में करीब 10 हजार रुपये का उछाल देखने को मिला। दो-तीन दिन से बाजार सामान्य बना हुआ है और ग्राहकों की आवाजाही भी सीमित रही।
विवाह और पारिवारिक आयोजनों के लिए होती है आभूषण खरीद
कारोबारियों के अनुसार बैजनाथ-पपरोला क्षेत्र में अधिकतर लोग विवाह और पारिवारिक आयोजनों के लिए ही आभूषण खरीदते हैं, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीमित रह सकता है।
क्या कहते हैं ज्वेलर्स
सोने पर सरकार की ओर से आयात शुल्क बढ़ाने से ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। फिलहाल बाजार सामान्य है, लेकिन जून तक ही आगामी स्थिति स्पष्ट होगी।
-पंकज नंदा, एमडी, रमन ज्वेलर्स ।जब-जब सोने के दाम बढ़े हैं बाजार पर अधिक असर नहीं पड़ा। यहां अधिकांश लोग शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदते हैं, इसलिए कारोबार पर ज्यादा प्रभाव की संभावना कम है।
-पुनीत नंदा, एमडी, लालचंद एंड सन ज्वेलर्स।विवाह सीजन समाप्त होने के कारण बाजार में भीड़ कम होना सामान्य है। आयात शुल्क का असर आम जनता पर पड़ेगा। पीएम के आह्वान को लोग किस तरह लेते हैं यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।
-मनोज कुमार, अमीषा ज्वेलर्सफिलहाल कारोबार पर बड़े असर की संभावना नहीं दिख रही। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य गिरते रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार को संतुलित करना माना जा रहा है।
-रशिक नंदा, एमडी, कुंदन लाल अशोक कुमार ज्वेलर्स


