उद्घाटन के एक माह के भीतर ही दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे (दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरीडोर) चरमरा गया है। 1200 करोड़ की लागत के बाद भी एक्सप्रेसवे पहली बेमौसम बारिश नहीं झेल पाया। इस पर कई स्थानों से मिट्टी दरक गई तो कई जगह गड्ढे हो गए। इससे चालकों को परेशानी हो रही है। उनके वाहनों की गति मानक के अनुरूप नहीं हो पा रही है।
दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे (Delhi-Dehradun Greenfield Highway) का 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। निर्माण के दौरान 95वें किमी पर लिंक नहर के निर्माणाधीन पुल का सैकड़ों मीटर लंबा गार्डर भी ढह गया था। अंबेहटा चांद के पास एक अंडरपास के ऊपर बनाई गई सड़क का लगभग दस मीटर तक मलबा उखड़ गया।
अंडरपास और पुलों के पास की कच्ची मिट्टी को सीमेंट के प्लास्टर से ढका जा रहा है। बिहारीगढ़ क्षेत्र में कुछ काम पूरे न होने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमनातगढ़ से शुरू हुआ बाईपास फ्लाईओवर बिहारीगढ़ तक पहुंचता है, लेकिन करीब डेढ़ किमी का सफर उबड़-खाबड़ होने के कारण वाहनों की गति मानक के अनुरूप नहीं हो पा रही है।
सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरीडोर पर टूटी पड़ी सर्विस रोड। जागरण
रसूलपुर से अमानतगढ़ दोनों ओर की सर्विस रोड का निर्माण उद्घाटन के समय जल्दी में किया गया था, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। एनएचएआइ के साइट इंजीनियर सोनू सिंह को फोन मिलाया गया, लेकिन उनका फोन बंद था। वाट्सएप पर मैसेज भी डाला गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
नानौता: दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गंग नहर में गिर गई।
रोहतक के करौंदा गांव के निवासी मोहित कार से शामली होते हुए सहारनपुर जा रहे थे। नानौता क्षेत्र में गंग नहर के पास पहुंचे। बताया गया कि तभी सामने से आ रहे एक वाहन की तेज रोशनी उनकी आंखों में पड़ी, जिससे कार अनियंत्रित हो गई और नहर में गिर गई। मोहित ने तुरंत कार से बाहर कूदकर जान बचाई।
हादसे के बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कार को नहर से निकाल लिया। थाना प्रभारी नवीन कुमार सैनी ने बताया कि चालक पूरी तरह सुरक्षित है।


