भारतीय शेयर बाजार (Share Market Fall) में लगातार 5वें दिन गिरावट जारी है, और कई दिग्गज शेयर इस मंदी में धराशयी हो गए हैं। लेकिन, माइनिंग किंग अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited Shares) के शेयरों ने इस गिरावट में तेजी दिखाई है। खास बात है कि आज, 13 मई को भी वेदांता के शेयरों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। वेदांता लिमिटेड के शेयर बढ़त के साथ 311.95 रुपये पर खुले और 317 रुपये का हाई लगाकर करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
वेदांता के शेयरों में तेजी क्यों?
वेदांता और हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में तेजी की बड़ी वजह सरकार का एक फैसला है। दरअसल, पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ते आयात बिल के मद्देनजर कीमती धातुओं के आयात पर अंकुश लगाने के उपायों के तहत सरकार द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इस फैसले के बाद 13 मई को हिंदुस्तान जिंक और उसकी मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयर तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
चांदी पर आयात शुल्क में वृद्धि से हिंदुस्तान जिंक और अप्रत्यक्ष रूप से उसकी मूल कंपनी वेदांता जैसी धातु उद्योग की कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि एचजेडएल भारत की सबसे बड़ी सिल्वर प्रोड्यूसर में से एक है। कंपनी जस्ता और सीसा माइनिंग के दौरान चांदी को सब-प्रोडक्ट के रूप में उत्पादित करती है।
वेदांता के पास हिंदुस्तान जिंक में बड़ी हिस्सेदारी है इसलिए, अगर हिंदुस्तान जिंक की आय में सुधार होता है तो इसका सीधा लाभ वेदांता लिमिटेड को होगा। इससे कंपनी की कंसोलिडेटेड इनकम इंप्रूव होगी, हिंदुस्तान जिंक की ग्रोथ से डिविडेंड इनकम बढ़ सकती है।


