बिना चाबी के खुलेंगे बंद दरवाजे! बरेली फायर ब्रिगेड का नया MDR वाहन देख दंग रह जाएंगे आप, जानें इसकी ताकत

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आग लगने के अलावा अन्य आपदा में फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंचती है लेकिन अक्सर होता है कि फायर कर्मियों को आपदा के मामलों में बचाव कार्य करने में दिक्कत होती है। इस समस्या के समाधान के लिए बरेली फायर ब्रिगेड के बेड़े में मल्टी डिजास्टर रेस्पांस (एमडीआर) व्हीकल शामिल किया गया है। मुख्यालय से वाहन आने के बाद इसका ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। अब इस वाहन को किसी आपदा की सूचना पर भेजा जा रहा है।

इसके अलावा भविष्य में ऊंचे भवनों में आग लगने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी दो वाहन आएंगे। इसके लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। मल्टी डिजास्टडर रेस्पांस व्हीकल का इस्तेमाल आग से बचाव के साथ आपदा में भी किया जाएगा। इस वाहन में पानी के टैंक के साथ अन्य उपकरण भी हैं। इसमें सबसे खास बात है कि इसमें पीछे क्रेन लगी है।

इस क्रेन की मदद से जब भी कोई इंसान या जानवर किसी नाले या अन्य स्थान पर फंस जाएगा तो उसे बाहर निकालने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। अभी इस तरह की स्थिति में निजी कंपनी की क्रेन मंगानी पड़ती थी। इसके अलावा इस वाहन में फ्लैश लाइट, रेस्क्यू टूल्स, दरवाजा बंद होने पर उसे काटने के लिए कटर, जूम कैमरा, जनरेटर, यूपीएस समेत अन्य सामान है।

जूम कैमरा किसी भी छेंद में डालने से अंदर 18 फुट तक की तस्वीर साफ दिखा देगा। इससे फायर कर्मियों को पता चल जाएगा कि किसी भवन में अंदर कोई इंसान या जानवर तो नहीं फंसा है। इसके अलावा अंधेरे में जनरेटर चलाकर रोशनी की जाएगी। इसके अलावा जनरेटर में भी कोई दिक्कत आ जाएगी तो यूपीएस काम करेगा।

42 मीटर की ऊंचाई तक हो सकेगा बचाव

जिले में अभी फायर विभाग के पास जो टेंडर है, उससे सिर्फ 15 मीटर ऊंचे भवन में आग लगने पर बचाव के इंतजाम हैं, जबकि शहर में 42.5 मीटर तक के भवन बन गए हैं। ऐसे में हाई राइज बिल्डिंग में आग लगने से बचाव के लिए दो हाई राइज प्लेटफार्म जल्द आने वाले हैं। इनसे 42 मीटर ऊंचाई तक के भवन में आग से बचाव के इंतजाम कर लिए जाएंगे।

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