बहादुरगढ़ बीसीसीआई चुनाव में धांधली के आरोप, प्रोग्रेसिव फ्रंट ने जिला रजिस्ट्रार से हस्तक्षेप की मांग उठाई

बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआइ) के 11 मई को निर्धारित चुनाव की प्रक्रिया में टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट द्वारा गंभीर खामियां और विसंगतियां सामने आने की बात कही है। साथ ही जिला फर्म एंड सोसायटी रजिस्ट्रार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रोग्रेसिव फ्रंट के अनुसार चुनाव के लिए अंतिम वोटर सूची चुनाव से मात्र कुछ दिन पूर्व उपलब्ध कराई गई। 1 मई की सुबह लगभग 752 सदस्यों की एक सूची जारी की गई, जबकि उसी दिन शाम को केवल 671 मतदाताओं की दूसरी सूची उपलब्ध कराई गई, जिसमें किसी भी प्रकार के मोबाइल नंबर या संपर्क विवरण शामिल नहीं थे।

लगातार पत्राचार व अनुरोध करने के बाद 5 मई को 665 मतदाताओं की एक नई सूची उपलब्ध कराई गई, जिसमें संपर्क नंबर दिए गए। टीम द्वारा जब मतदाताओं से संपर्क स्थापित करना प्रारंभ किया गया, तब यह सामने आया कि 50 से अधिक ऐसे वोटर सूची में शामिल हैं जिनका क्षेत्र में कोई सक्रिय व्यापार, उद्योग या औद्योगिक गतिविधि नहीं है।

प्रोग्रेसिव फ्रंट का आरोप मतदाता सूची में हैं गंभीर अनियमितताएं

इसके अतिरिक्त कई ऐसे मामले भी सामने आए, जहां किसी कंपनी का प्रतिनिधि किसी अन्य कंपनी की ओर से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेता हुआ पाया गया। प्रोग्रेसिव फ्रंट का आरोप है कि मतदाता सूची में अनेक गंभीर अनियमितताएं हैं। इनमें एक ही सदस्य संख्या का अनेक फर्मों को आवंटन है।

एक सदस्य संख्या पर कई कंपनियों का नाम दर्ज है। बंद औद्योगिक इकाइयों काे मतदाता सूची में शामिल किया गया है। क्षेत्राधिकार से बाहर की इकाइयों को सदस्य बनाया गया है। गलत मालिकाना विवरण और बिना पते वाली सदस्यता दी गई हैंं।गैर-सदस्यों द्वारा नामांकन दाखिल करने के आरोप हैं।

चुनाव में बाकी सिर्फ दो दिन

प्रोग्रेसिव फ्रंट का कहना है कि निर्वाचन अधिकारी पीके बंसल को लगातार ईमेल, पत्राचार व फोन के माध्यम से इन खामियों से अवगत कराया तथा समय रहते सुधार करवाने का निवेदन किया, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की फर्जी वोटिंग या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

टीम का कहना है कि दुर्भाग्यवश इस विषय में कोई ठोस सहायता प्राप्त नहीं हुई। अब जबकि चुनाव में केवल दो दिन शेष हैं। ऐसे में जिला रजिस्ट्रार से मांग की है कि शीघ्र ही प्रामाणिक मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाए तथा चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *