उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से प्रदेश सरकार को जम्मू-कश्मीर एकीकृत भवन उपनियम 2021 सहित अन्य नगर निगम नियमावली में संशोधन का अधिकार प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और नगर निगमों के कार्यों को सुचारू रूप से चलाना है।
इस संदर्भ में आवश्यक अधिसूचना जारी की गई है। इसके साथ ही जम्मू नगर निगम (जेएमसी) और श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) के आयुक्तों को अगले दो वर्षों के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक कठिनाइयों को दूर करने और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर होगा।
सरकार द्वारा जारी जम्मू-कश्मीर नगर निगम (कठिनाइयों का निवारण) आदेश, 2026 के अनुसार जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम, 2000 की धारा 427 के तहत सरकार को विशेष अधिकार प्राप्त हैं। इस धारा के अंतर्गत यदि अधिनियम को लागू करने में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कठिनाई सामने आती है तो सरकार आवश्यक संशोधन, परिवर्तन अथवा नए प्रविधान लागू कर सकती है।
प्रशासक चलाएंगे जम्मू-श्रीनगर नगर निगम
अधिसूचना में बताया गया है कि धारा 395 और 397 के तहत नगर निगमों को जलापूर्ति, ड्रेनेज, सड़क निर्माण, भवन निर्माण, सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा, बाजार, व्यापार और शहरी विकास से जुड़े बायलाज बनाने का अधिकार है। हालांकि, इन नियमों को लागू करने के लिए सरकार की मंजूरी और राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य होता है। वर्तमान समय में जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है तथा कोई निर्वाचित निकाय मौजूद नहीं है।
इसी कारण एकीकृत भवन उपनियम 2021 में आवश्यक संशोधन करने में प्रशासनिक दिक्कतें सामने आ रही थीं। सरकार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इन उपनियम में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है, ताकि नियमों को अधिक जनहितैषी और व्यावहारिक बनाया जा सके। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और दो वर्षों तक अथवा सरकार द्वारा वापस लिए जाने तक प्रभावी रहेगी। साथ ही, इस अवधि में सरकार द्वारा किए गए सभी संशोधनों और प्रशासनिक कार्यवाहियों को नगर निगमों द्वारा किया गया माना जाएगा।
30 नवंबर 2025 से लागू हुआ आदेश
भविष्य में जब नए नगर निगम गठित होंगे, तब इन निर्णयों की पुष्टि संबंधित निगमों द्वारा की जाएगी। इसी के साथ सरकार ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जम्मू नगर निगम और श्रीनगर नगर निगम के आयुक्तों को दो वर्षों के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया है। आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 30 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। आयुक्त अपने-अपने नगर निगमों के प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे और अधिनियम में निर्धारित सभी अधिकारों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
सरकार का कहना है कि निर्वाचित निकायों के अभाव में प्रशासनिक कार्यों को बाधित होने से बचाने तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम आवश्यक था। हालांकि, यदि इस अवधि से पहले नए नगर निगमों का गठन हो जाता है तो यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी। सरकार के इस फैसले को जम्मू-कश्मीर में शहरी प्रशासन को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


