एंटी करप्शन की टीम ने बिजली विभाग के बाबू सौरभ जैन को शुक्रवार शाम 30 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपित ने बिजली बिल दुरुस्त करने के लिए बुनकर से रुपये मांगे थे। छापामार दल गिरफ्तार आरोपित को पकड़कर लालपुर पांडेय थाना ले गया, जहां उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। बिजली विभाग में एंटी करप्शन टीम की छापेमारी के बाद कर्मचारी डरे सहमे नजर आए। आरोपित को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जियापुर थाना चेतगंज निवासी काशिफ शहरयार विद्युत बिल में गड़बड़ी को लेकर परेशान थे। वह अपनी समस्या के निदान के लिए मड़ौली स्थित अधिशाषी अभियंता नगरीय विद्युत वितरण खंड सप्तम उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के कार्यालय पहुंचे। वहां काशिफ शहरयार की मुलाकात बिजली विभाग के बाबू विनायका महमूरगंज छित्तूपुर निवासी गौरव जैन से हुई। आरोप है सौरभ ने काशिफ की समस्या के समाधान के लिए 70 हजार रुपये की डिमांड की। काशिफ ने अपनी गरीबी बताई तो सौदा 30 हजार रुपये देने पर तय हो गया।
सौरभ से बातचीत पक्की हुई तो काशिफ एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर अपनी परेशानी बताई। एंटी करप्शन की टीम ने विशेष रसायन लगाकर रुपये की गड्डी काशिफ को सौंपते हुए विद्युत कार्यालय भेज दिया। सौरभ जैन ने अपने कार्यालय में रुपये पकड़े ही थे कि एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। पीड़ित ने बताया कि उसने कई बार अपनी परेशानी अधिकारियों तक पहुंचाई भी लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। उसने बताया कि विभाग के कई लोग उससे रुपये की अपेक्षा के फिराक में उसे परेशान कर रहे थे। हालांकि, असली सच्चाई तो जांच में ही सामने आएगी।
दस अप्रैल को जेई व लाइनमैन 20 हजार रुपये घूस लेते धराए थे : भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने बीते 10 अप्रैल को विद्युत विभाग के जेई (अवर अभियंता) नवनीत कुमार यादव व लाइनमैन (संविदाकर्मी) लक्ष्मण यादव को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। दोनों विद्युतकर्मी एक उपभोक्ता पर बिजली चोरी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज न कराने के लिए 20 हजार रुपये मांगे थे। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम दोनों गिरफ्तार आरोपितों को थाना रोहनिया पुलिस को सौंपते हुए केस दर्ज कराया है। मंडुवाडीह क्षेत्र के उत्तरी ककरमत्ता निवासी शुभम श्रीवास्तव ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी।
आठ माह में नौ सरकारी मुलाजिम भेजे गए जेल : भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई पर गौर करें तो आठ माह में नौ सरकारी मुलाजिम घूस लेते गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कार्रवाई के जद में महिला इंस्पेक्टर, दारोगा, हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल के अलावा तीन विद्युतकर्मी शामिल हैं। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई को देखें तो पहले से काफी तेज हुई है, लेकिन फिर भी घूस मांगने वालों की संख्या में कमी नहीं आ पा रही है।


