नाबालिग संग सामूहिक दुष्कर्म षड्यंत्र के मामले में पुलिस ने मास्टर माइंड पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत और उसकी महिला मित्र पर दुष्कर्म का षणयंत्र रचने, पास्को सहित अन्य धाराओं में तथा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनंद सिंह माहरा पर गोपनीयता भंग करने व इंटरनेट मीडिया पर लड़की की पहचान उजागर करने के मामले में प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। साथ ही कमल और अर्चिता की कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
छात्रा संग सामूहिक दुष्कर्म का मामला
मंगलवार – बुधवार की रात सल्ली गांव में एक 16 वर्षीय 10वीं की छात्रा संग सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने विनोद रावत, नवीन रावत व पूरन रावत पर के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की थी। जांच में मामला फर्जी पाया गया।यह भी प्रकाश में आया कि शिकायतकर्ता संग कोतवाली में तहरीर लिखने गए पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत ने रंजिशन यह षड्यंत्र रचा। जबकि कोई दुष्कर्म जैसी घटना नहीं हुई थी। इस षड्यंत्र में शामिल होने के लिए नाबालिग छात्रा को उसके पिता का उपचार कराने का प्रलोभन दिया था।इधर घटना की गंभीरता देखते हुए एसपी के निर्देश पर कमल रावत व उसकी महिला मित्र लोहाघाट निवासी अर्चिता राय पर षणयंत्र रचने और गोपनीयता भंग करने, बिना अनुमति दूसरे के घर में प्रवेश करने, पुलिस को झूठी सूचना देने पर तथा सुबह घटना के समय कोतवाली में पहुंचकर नाबालिग का नाम इंटररनेट मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोपों में कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनंद सिंह माहरा पर बीएनएस की धारा 127 (2) 217(6) 331 (4) 351 (2) 61 (2) और 22/23 पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी पंजीकृत किया है।


