टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) धर्मांतरण मामले में नासिक पुलिस के हाथ बड़ी कामायाबी लगी है। पुलिस ने मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को गिरफ्तार कर लिया है।
निदा खान 25 दिनों से पुलिस की गिरफ्त से बच रही थी। पुलिस ने कई जगह छापामारी की, तलाशी अभियान भी चलाया, लेकिन निदा खान इस चोर-पुलिस के खेल में भाग रही थी।
आखिरकार नासिक पुलिस ने एक ऐसा जाल बिछाया, जिससे बचना निदा खान के लिए नामुमकिन हो गया और नासिक पुलिस ने 25 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद निदा खान को गुरुवार, 7 मई को संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया।
कैसे पकड़ी गई निदा खान?
पुलिस ने निदा खान को गिरफ्तार करने के लिए अपनी खाकी वर्दी और पुलिस जीप को छोड़ दिया और इसकी जगह साधारण लोगों की तरफ वेशभूषा अपना ली।
पुलिस को एक गुप्त जानकारी मिली कि वह छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके में स्थित ‘कैसर कॉलोनी’ के एक किराए के फ्लैट में छिपी हुई है। पुलिस को पक्की जानकारी मिली थी कि वह पिछले तीन-चार दिनों से वहीं रह रही है।
पुलिस को ये भी पता चला कि निदा खान अकेली नहीं है, बल्कि उसके पिता, मां, भाई और उसकी मौसी भी निदा के साथ रह रहे हैं। लेकिन पुलिस इस बार निदा खान को हाथ से नहीं निकलने देना चाहती थी।
निदा खान की सटीक जानकारी के लिए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से नारेगांव इलाके में उसकी मौजूदगी की पुष्टि की।
पुलिस को जब पूरी तरह यकीन हो गया कि निदा खान नारेगांव में ही छिपी है, इसके बाद भी पुलिस ने सही मौके का इंतजार किया। गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले, पुलिस ने तीन-चार दिनों तक उस पूरे इलाके पर लगातार निगरानी रखी।
लोगों की नजरों से बचने के लिए पुलिसकर्मियों ने भीड़ में घुल-मिल जाने का फैसला किया। निदा खान जिस जगह पर रह रही थी, उस परिसर के अंदर और उसके आस-पास के इलाके में 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
पुलिसकर्मियों ने खाकी वर्दी की जगह सादे कपड़े पहने और उन्होंने पुलिस की जीपों का भी इस्तेमाल नहीं किया, ताकि निदा खान और उसके घरवालों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी इस कार्रवाई की भनक तक न लग पाए।
25 दिन बाद गिरफ्तार हुई निदा खान
खबरों के मुताबिक, निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के कुछ वकीलों से कानूनी सलाह ले रही थी। हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर करने की तैयारियां भी चल रही थीं, लेकिन इससे पहले कि वह याचिका दायर हो पाती, पुलिस ने अचानक छापा मारा और उसे हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद, निदा खान को गुरुवार देर रात सुतगिरनी चौक स्थित न्यायिक अधिकारी के सरकारी आवास पर जज के सामने पेश किया गया। नासिक पुलिस ने निदा खान पर ट्रांजिट रिमांड हासिल की और आगे की जांच के लिए उसे एक विशेष वाहन में बैठाकर नासिक रवाना हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, जब निदा खान को गिरफ्तार किया गया, तब उसके साथ कुल पांच और लोग भी मौजूद थे।
निदा खान गिरफ्तारी से बचने के लिए 25 दिनों से छिपी रही थी। पुलिस ने निदा खान का पता लगाने के लिए एक सोची-समझी रणनीति बनाई और आखिरकार वे इस मामले की मुख्य संदिग्ध तक पहुंच गए।
TCS धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी
निदा खान पर IT दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक ऑफिस में कई कर्मचारियों को जबरदस्ती धर्म बदलने के लिए मजबूर करने का आरोप है।
2021 से TCS में ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के तौर पर काम कर रही निदा खान को कंपनी ने इन आरोपों लगने के बाद पिछले महीने सस्पेंड कर दिया गया था।
पिछले महीने निदा खान ने यह दावा करते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा मांगी थी कि वह गर्भवती है, लेकिन कोर्ट ने उसकी यह मांग ठुकरा दी। निदा इस मामले में गिरफ्तार होने वाली आठवीं आरोपी है। बाकी सात आरोपियों को जांच के शुरुआती चरणों में ही पकड़ लिया गया था।


