कंपनी के साझीदारों पर धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर कंपनी हड़पने के आरोप में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह की ओर से दाखिल अर्जी पर एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल सिंह एवं रामदेव यादव सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश इंस्पेक्टर कोतवाली हजरतगंज को किया है।
न्यायालय के समक्ष भानवी कुमारी सिंह की ओर से दी गई अर्जी में कहा गया कि उसने एवं अक्षय प्रताप सिंह आदि लोगों ने मिलकर 10 फरवरी 2014 को एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया गया था। जिसमें उसने व उसके साझेदारों द्वारा करोड़ों रुपए का निवेश किया गया था। बताया गया कि फार्म के नाम से काफी चल एवं अचल संपत्तियां अर्जित की गई थी तथा वर्तमान में इन संपत्तियों का बाजारु मूल्य पांच करोड़ रुपए से अधिक होगा।
शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि उसे जानकारी हुई कि अक्षय प्रताप एवं उनके अन्य सहयोगियों ने फार्म की मूल्यवान संपत्तियों को हड़पने के लिए पंजीकरण के अभिलेखों में हेरा फेरी करके फर्जी अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। जिसमें 15 नवंबर 2020 की तिथि में उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कूटरचित दस्तावेज बनाए गए हैं।
उच्च न्यायालय ने अक्षय प्रताप सिंह की ओर से दायर इस याचिका को 26 मार्च को खारिज करते हुए सत्र अदालत के आदेश की पुष्टि कर दी थी। जिसके उपरांत एसीजेएम कोर्ट द्वारा इंस्पेक्टर हजरतगंज को मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने का आदेश दिया गया है।


