देश के 2 बड़े प्राइवेट बैंकों में हिस्सेदारी पर ‘महाडील’, HDFC बैंक को RBI से मिली मंजूरी; जानिए पूरा मामला

 एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को आरबीआई (RBI) से अहम मंजूरी मिल गई है। दरअसल, भारत के इस सबसे बड़े प्राइवेट बैंक को आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में अपनी संयुक्त हिस्सेदारी 9.95% तक बढ़ाने की मंजूरी मिली है। एक्सचेंज फाइलिंग में एचडीएफसी बैंक ने इसकी जानकारी दी है। बैंक ने कहा “आरबीई ने 6 मई, 2026 को बैंक को आईसीआईसीआई और कोटक में 9.95% तक की चुकता शेयर पूंजी या मतदान अधिकारों की ‘कुल हिस्सेदारी’ हासिल करने की मंजूरी दे दी है।”

बैंक ने बताया कि उक्त अनुमोदन आरबीआई के लेटर की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए, 5 मई, 2027 तक वैध है। इसके अलावा, बैंक को यह सुनिश्चित करना होगा कि आईसीआईसीआई और कोटक में “कुल हिस्सेदारी” किसी भी समय आईसीआईसीआई और कोटक की चुकता शेयर पूंजी या मतदान अधिकारों के 9.95% से अधिक न हो।”

कैसे हुई ये डील?

इस डील में एचडीएफसी बैंक ने, अपनी सहायक कंपनियों जैसे एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी ईआरजीओ, एचडीएफसी पेंशन फंड और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के साथ मिलकर, आईसीआईसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में सामूहिक रूप से 9.95% तक की हिस्सेदारी खरीदेगी।
आरबीई ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुल हिस्सेदारी किसी भी समय 9.95% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इस डील का क्या मतलब?

बता दें कि यह कोई अधिग्रहण नहीं है बल्कि एक रेगुलेटर मंजूरी है जो एचडीएफसी समूह की संस्थाओं को ICICI और कोटक बैंक में 9.95% तक हिस्सेदारी रखने की अनुमति देता है। इनमें म्यूचुअल फंड निवेश, इंश्योरेंस इन्वेस्टमेंट, ट्रेजरी निवेश, या अन्य मार्केट परचेज शामिल हैं।

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