सोनीपत के गन्नौर में खंड विकास एवं पंचायत विभाग में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। दातौली गांव के जलकर्मी दीनदयाल के निधन के बाद भी उनके खाते में दो माह तक वेतन जारी किया गया।
आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यह भुगतान किया गया। मामले को लेकर उपायुक्त को शिकायत देते हुए उच्चस्तरीय जांच की जांच की गई है।
शिकायतकर्ता राजलूगढ़ी के रहने वाले सुमित ने बताया कि दातौली गांव के जलकर्मी दीनदयाल का देहांत 12 अगस्त 2025 को हो गया था, इसके बावजूद विभाग द्वारा 12 सितंबर 2025 और 15 अक्टूबर 2025 को 10,768 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से कुल 21,536 रुपये उनके खाते में भेज दिए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और गंभीर लापरवाही बताया है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यह भुगतान किया गया है, जिससे वित्तीय गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने गलत तरीके से जारी राशि की रिकवरी करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी सामने आई थी शिकायत
इससे पहले भी जल कर्मियों को वेतन देने में अनियमितता के मामले सामने आ चुके हैं। गांव पट्टी ब्राह्मणान के रहने वाले अशोक शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत के बाद यह मामला उजागर हुआ, जिस पर प्रशासन ने जांच बैठाई।
जिला परिषद सोनीपत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा की गई जांच में पाया गया था कि गांव शेखपुरा निवासी एक जल कर्मी को 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी करीब 22 माह तक वेतन दिया गया, जो विभागीय नियमों के विपरीत है। संबंधित कर्मी को 31 अगस्त 2025 तक भुगतान किया गया, हालांकि बाद में उसने करीब 2.91 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि वापस जमा करवा दी।
उपायुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।


