‘उनका फैसला सही, जल्द मेडल का सपना पूरा होगा’, विनेश फोगाट के संन्यास वापस लेने पर बोले महावीर फोगाट

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पूर्व ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने करीब 15 माह बाद सन्यास के फैसले पर यू-टर्न लेते हुए मैट पर वापसी करने का निर्णय लिया है।

उनके प्रारंभिक कोच एवं ताऊ द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट सहित खेल प्रेमियों ने उनके इस निर्णय का स्वागत करते हुए ओलिंपिक में पदक जीतने की उम्मीद जताई है।

महावीर फोगाट ने कहा कि विनेश के पास ओलिंपिक का लंबा अनुभव है जो उनके काम आएगा और वो इस बार पदक जीतने के सपने को अवश्य पूरा करेगी।

महिला कुश्ती को एक नया आयाम देने वाले व तीन बार ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं विनेश फोगाट के ताऊ महावीर फोगाट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विनेश फोगाट के सन्यास वापसी के फैसले से देश के खेल प्रेमियों के साथ उन्हें भी खुशी है।

उन्हें उम्मीद है कि ओलिंपिक में पदक जीतने का उनका जो सपना अधूरा रह गया था उसे वो अवश्य पूरा करेगी। पेरिस ओलिंपिक के बाद करीब 15 माह तक मैट से दूरी बनाने के बाद वापसी के सवाल पर महावीर फोगाट ने कहा कि ये अधिक लंबा समय नहीं है, कई बार खिलाड़ी चोटिल होकर भी मैट से दूर रह जाता है।

ओलिंपिक होने में करीब तीन साल का समय बचा हुआ इतने समय में वे आराम से कम बैक कर सकती हैं। इसके लिए विनेश ने पसीना बहाना शुरू कर दिया है और वो अभ्यास करने के लिए हैदराबाद गई हैं।

महावीर फोगाट ने कहा कि ओलिंपिक का लंबा अनुभव उनके काम आएगा जो मेडल जीताने में मदद करेगा। 2024 पेरिस ओलिंपिक में जिस प्रकार वे 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण गोल्ड मेडल से वंचित रह गई थीं

। उससे भी बड़ा सबक मिला है और इस प्रकार की सभी बातों पर ध्यान देकर विनेश खेल पर ध्यान केंद्रित करेंगी और देश को ओलिंपिक में गोल्ड मेडल दिलाएगी।

वर्ष 2024 पेरिस ओलिंपिक फाइनल में पहुंचने के बाद 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिसके चलते मेडल पक्का होने के बावजूद भी उन्हें खाली हाथ ही देश लौटना पड़ा था।

सिल्वर मेडल पक्का करने और गोल्ड मेडल के बेहद करीब होने के बाद जो घटना पेरिस में घटी वे उससे पूरी तरह से टूट गईं और उन्होंने सन्यास का निर्णय ले लिया।

खिलाड़ी के वतन लौटने पर उसे हौसला देने के लिए जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर उनके गांव बलाली तक जुलूस निकालकर जगह-जगह स्वागत किया और गांव में भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर सम्मानित किया गया था।

देर रात तक चले उस कार्यक्रम के दौरान विनेश के गुरु व ताऊ महावीर फोगाट ने उन्हें सन्यास न लेने की नसीहत देते हुए खेल को जारी रखने की बात कही थी। लेकिन उस दौरान वो इतनी मायूस हो चुकी थीं कि उन्होंने मैट से दूरी बना ली थी।

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