इसकी वजह कृषि और पर्यावरण से जुड़ी थी क्योंकि अमेरिका को डर था कि भारतीय आमों के साथ कुछ ऐसी बीमारियाँ और कीड़े उनके देश में आ सकते हैं, जो उनकी अपनी खेती को तबाह कर सकते हैं। साल 2007 में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और पीएम मनमोहन सिंह के बीच समझौते के बाद ही, रेडिएशन तकनीक के इस्तेमाल की कड़ी शर्त पर यह बैन हटा था।