लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को बठिंडा में स्वास्थ्य कर्मियों और आउटसोर्स कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर संयुक्त धरना देकर रोष जताया। तालमेल कमेटी पैरा मेडिकल एवं स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन जिला बठिंडा और आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि कई बार अधिकारियों को समस्याओं से अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां अब तक दूर नहीं की गई हैं। इसके अलावा कई कर्मचारियों की तनख्वाहें रुकी हुई हैं और भविष्य निधि की बकाया राशि भी जमा नहीं करवाई गई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया जा रहा है।
आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
धरने में शामिल कर्मचारियों ने सफाई सेवकों से अतिरिक्त समय तक काम लेने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों को निर्धारित अवकाश नहीं दिए जा रहे और लगातार अतिरिक्त ड्यूटी करवाई जा रही है। इससे कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है।
आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरजिंदर सिंह औलख, जिला प्रधान जतिंदर सिंह और तालमेल कमेटी के संयोजक मुनीश कुमार ने कहा कि यदि 20 मई तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर सिविल सर्जन की ओर से जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है, लेकिन यदि वादे पूरे नहीं हुए तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
एचएमआईएस प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मियों का वेतन रुका
धरने के दौरान फरीदकोट जिले में एचएमआईएस पायलट योजना के तहत काम कर रहे कर्मचारियों की कई महीनों से रुकी तनख्वाहों का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया गया। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन कर्मचारियों को जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो बठिंडा में उनके समर्थन में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
धरने के अंत में कर्मचारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


