कानपुर में इस बार अप्रैल ने मौसम का पूरा गणित बदल दिया। भीषण गर्मी और सूखे के लिए पहचाने जाने वाले इस महीने में वर्ष 2026 में 49.6 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज हुई कि करीब 55 साल पुराना रिकार्ड टूट गया।
यह स्थिति इसलिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि सामान्य तौर पर अप्रैल में यहां केवल 4 से 5 मिमी तक ही वर्षा होती है और वह भी महज एक-दो दिन। इसके विपरीत, हाल के वर्षों में वर्षा के आंकड़े लगातार बढ़ते दिख रहे हैं। वर्ष 2023 में 47.6 मिमी वर्षा ने पहले ही नया रिकार्ड बनाया था, जिसे अब 2026 की वर्षा ने पीछे छोड़ दिया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि तीन साल पहले अप्रैल महीने में रिकार्ड वर्षा दर्ज किया गया था। इस महीने में पांच 35.6 मिमी, आठ 7.4 मिमी और 30 अप्रैल को 6.6 मिमी हुए बारिश में अब तक अप्रैल महीने में हुए कुल बारिश होने का नया रिकार्ड बना दिया है।
अप्रैल में सामान्यतः केवल 1-2 दिन हल्की बारिश होती है, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2020 में 26 अप्रैल को 27.6 मिमी बारिश ने 49 साल का रिकार्ड तोड़ा था, जबकि पूरे महीने में 31.8 मिमी वर्षा हुई। इसी तरह 2015 में 36.5 मिमी और 1971 में 15 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से काफी ज्यादा है।
अप्रैल में 20 मिमी से अधिक बारिश होना बेहद असामान्य माना जाता है। इसके पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और नमी से भरी हवा हैं, जो अचानक सक्रिय होकर मौसम का मिजाज बदल देती हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से ऐसे असामान्य मौसमीय घटनाक्रम अब अधिक बार सामने आ रहे हैं। इससे न सिर्फ तापमान और मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है, बल्कि कृषि और शहरी जीवन पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
वहीं भीषण गर्मी से बेहाल शहरवासियों को गुरुवार सुबह से रुक-रुककर हुई वर्षा ने बड़ी राहत दी। बीते 22 दिनों से झुलसा रहा 40 डिग्री के आसपास पारा अचानक गिरकर 30.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। सुबह से छाए बादल, ठंडी हवा और हल्की वर्षा ने न सिर्फ तापमान में करीब 10 डिग्री की गिरावट दर्ज कराई, बल्कि शहर का मौसम सुहावना कर दिया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 3.6 डिग्री गिरकर 24.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शहर में 6.6 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई।
गुरुवार सुबह बादल छाने के साथ ही मौसम ने पूरी तरह करवट ली और ठंडी हवा के साथ हुई वर्षा ने वातावरण सुहावना बना दिया। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव से ऐसा हुआ है। दिन भर धूप की तीव्रता कम रही और लू जैसे हालात समाप्त हो गए। वह रात में आठ बजे करीब अचानक गरज चमक के साथ बादलों ने बरसना शुरू कर दिया, जिसे न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज हुआ।
चार व पांच मई को फिर से होगी वर्षा
डॉ.एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि यह बदलाव ट्रफ लाइन और नमी भरी हवा के प्रभाव से हुआ है। अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही रह सकता है, जिससे अधिकतम तापमान में गिरावट व गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। चार व पांच मई को एक बार फिर से वर्ष की स्थिति बन रही है।
बादलों के आने-जाने के कारण गर्मी कम रहेगा, पर उमस बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि जब सुबह के समय बादल घिरते है और वर्षा होती है तो अधिकतम तापमान में अधिक गिरावट आता है। वहीं जब शाम के समय बादल आते है व वर्षा होती है अधिकतम तापमान में इतना गिरावट नहीं आता है।
| अप्रैल | तापमान अधिकतम | तापमान न्यूनतम |
|---|---|---|
| 30 | 30.6 | 27.8 |
| 29 | 40.0 | 27.8 |
| 28 | 40.0 | 27.8 |
| 27 | 40.2 | 26.6 |
| 26 | 41.0 | 26.6 |
| 25 | 43.0 | 26.0 |


