परसुडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 21 अप्रैल से लापता छोटा गोविंदपुर निवासी मंगल तिवारी का शव 26 अप्रैल को एक नाले के पास गड्ढे से बरामद किया गया।
दोस्तों से मिलने निकला था युवक
शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान सुभाष नगर (छोटा गोविंदपुर) निवासी मंगल तिवारी के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, मंगल 21 अप्रैल की दोपहर करीब एक बजे अपने घर से दोस्तों से मिलने की बात कहकर गोविंदपुर हाल्ट की ओर निकला था। उसके साथ एक अन्य युवक भी देखा गया था।
जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात होते-होते मंगल का मोबाइल फोन भी बंद हो गया।
मोबाइल मिलने से उलझी गुत्थी
मामले में मोड़ तब आया जब 22 अप्रैल को परिजनों ने मंगल के नंबर पर दोबारा कॉल किया। इस बार फोन एक अज्ञात व्यक्ति ने उठाया, जिसने खुद को सैलून संचालक बताया।
उसने दावा किया कि उसे यह मोबाइल रास्ते में गिरा हुआ मिला था। परिजन मोबाइल लेकर घर तो आ गए, लेकिन मंगल का कोई अता-पता नहीं चला।
परिजनों का आरोप: हत्या कर फेंका गया शव
मंगल के परिजनों का कहना है कि जिस रात वह लापता हुआ, उसके कुछ दोस्त नशे की हालत में घर आए थे। परिजनों को शक है कि मंगल की मौत में उसके दोस्तों का हाथ हो सकता है।
शव की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का तर्क है कि जिस गड्ढे से शव मिला, वहां पानी बहुत कम था, इसलिए डूबने की कोई संभावना नहीं है। उन्हें अंदेशा है कि हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को वहां फेंका गया।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम का इंतजार
परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार के अनुसार, पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि युवक के लापता होने की आधिकारिक सूचना पहले थाने को नहीं दी गई थी।
थाना प्रभारी ने बताया कि शव मिलने के समय परिजनों ने किसी पर सीधा संदेह नहीं जताया था, लेकिन अब हत्या की बात कही जा रही है। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।


