पेट्रोल-डीजल की तलाश वाहन चालकों की जेब पर भी भारी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में संकट लगातार बने रहने के कारण लोगों को शहर में आना पड़ रहा है। इससे तेल का खर्च बढ़ गया है। एक अनुमान के अनुसार तलाश में ही रोजाना पांच हजार लीटर से ज्यादा पेट्रोल व डीजल बर्बाद हो रहा है।
गोला बाजार के रहने वाले अभिमन्यु कसौधन के परिवार में शादी है। वाहनों की बुकिंग कराने की पहली शर्त यह थी कि तेल की व्यवस्था उनको ही करनी होगी। अभिमन्यु ने कई जगह तेल की तलाश की लेकिन सफल नहीं हुए तो वाहन चालकों को अतिरिक्त रुपये देने पर सहमति जताई। अभिमन्यु कहते हैं कि तेल के लिए वाहन चालकों को गोरखपुर शहर में जाना पड़ेगा। आने-जाने में तेल के मद में हजारों रुपये खर्च होंगे।
धुरियापार के मो. असलम ने कहा कि तेल का संकट इतना ज्यादा है कि रोजाना तलाश में ही कई लीटर तेल खर्च करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी पंप पर तेल उपलब्ध भी है तो इतनी लंबी लाइन लगी मिल रही है कि घंटों बर्बाद हो रहे हैं। इस स्थिति में लगातार वाहन स्टार्ट करने के कारण भी तेल की बर्बादी हो रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तेल की कोई दिक्कत नहीं है। महानगर में सभी पंप संचालित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में यदि किसी पंप पर तेल खत्म है तो आसपास के पंप पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
चौरी चौरा में लोग परेशान
मुंडेरा बाजार संवाद सूत्र के अनुसार चौरी चौरा क्षेत्र में मंगलवार को पेट्रोल व डीजल को कमी रही। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चौरी चौरा पेट्रोल पंप पर सिर्फ पेट्रोल था। यहां वाहन चालकों की लंबी लाइन लगी रही।
गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर इंडियन आयल के पेट्रोल पंप पर डीजल व पेट्रोल नहीं मिला। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चौरी, भारत पेट्रोलियम के भगवानपुर व जियो पेट्रोल पंप देवीपुर में पेट्रोल व डीजल न मिलने से उमस भरी गर्मी में लोग भटकना पड़ा।


