मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा।
उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयत 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए
सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें।
हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।
9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव
सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी।
लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है।
प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है।
9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती
सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे।
9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।
साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई।
इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा।


