क्षेत्र के रोहणा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग 334बी के फ्लाईओवर पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक फ्लाईओवर के बीचों-बीच बिना किसी संकेत के खड़ा था और पीछे से आ रहे ट्रक की उससे जोरदार टक्कर हो गई।
पुलिस को दी शिकायत में विजेंद्र निवासी गांव दत्ताचोली खुर्द, तहसील अतरौली जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि उसका छोटा भाई धर्मेंद्र कुमार ट्रक चालक था, शनिवार सुबह करीब 5 बजे उसे सूचना मिली कि धर्मेंद्र दादरी से खरखौदा होते हुए गाजियाबाद की ओर जा रहा था।
जब वह गांव रोहणा के पास फ्लाईओवर पर पहुंचा तो वहां पहले से खड़ा एक ट्रक सड़क के बीचों-बीच बिना इंडिकेटर या किसी चेतावनी संकेत के खड़ा था। अचानक सामने खड़े ट्रक को देखकर धर्मेंद्र का ट्रक उससे टकरा गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
आसपास के लोगों की मदद से उसे खरखौदा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जांच अधिकारी एएसआइ ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
लापरवाही के कारण लगातार हो रहे हादसे
क्षेत्र से गुजरने वाले हाईवे की सड़के लगातार लापरवाही के चलते लाल हो रही हैं। 16 फरवरी को इसी 334बी हाईवे पर बरोणा फ्लाईओवर के किनारे खड़े वाहन से पीछे से टकराई कैंटर के कारण उसके चालक फरुखाबाद के केहर सिंह की जान चली गई, 29 नवंबर को इसी हाईवे पर रोहट के पास निजी बस की टक्कर से बाइक पर बैठे निजी बस परिचालक कंसाला के विजय की मौत हुई।
केएमपी पर 24 मार्च को सड़क हादसे में मेरठ के गोटका के कैलाश की मौत हुई, 31 दिसंबर को पटौदी के अभिषेक की आगे चल रहे वाहन से स्कोर्पियो की टक्कर होने से मौत हो गई, जो अपने छह साथियों के साथ मसूरी जा रहा था।
26 दिसंबर को ट्राला चालक देशराज की अपने ट्रक का टायर बदलने के दौरान पीछे से आए ट्रक की चपटे में आने से जान चली है। वहीं हाईवे पर लापरवाही और रफ्तार का कहर लगातार हादसों की वजह बनता आ रहा है।


