MP: टूटी हुई हॉकी स्टिक से शुरू किया था सफर, अब एशिया कप में आएंगी नजर! दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने किया कमाल

मध्य प्रदेश के सिवनी की 15 वर्षीय नौशीन नाज की कहानी उन तमाम युवाओं के लिए मिसाल है जो अभावों में भी बड़े सपने देखते हैं। नौशीन नाज एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी है और उसके पास न अपनी हॉकी स्टिक थी और न ही सुरक्षा गियर। उसे खेलने के लिए किट उधार लेनी पड़ती है।

उसके पिता अहफाज खान एक दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी रोजाना आय करीब 250 रुपये है। वह अपनी बेटी के लिए ए एक सही हॉकी स्टिक भी नहीं खरीद सकते। कोई किट नहीं। कोई सहारा नहीं। लेकिन मध्य प्रदेश के सिवनी की यह लड़की भारत की महिला हॉकी की सबसे होनहार फॉरवर्ड खिलाड़ी बनने की राह पर है।

टूटी हुई स्टिक को कपड़े से बांधकर खेलने वाली नौशीन ने हाल ही में सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में 9 गोल दागकर तहलका मचा दिया है। अब नौशीन की नजरें जापान में होने वाले अंडर-18 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने पर है।

नौशीन का एकमात्र लक्ष्य- भारत के लिए खेलना

2023 में उसे बड़ा मौका मिला, जब MP हॉकी अकादमी की नजर उस पर पड़ी। ट्रेनिंग, खान-पान, खेल का सामान सब कुछ उसे मिलने लगा। नौशीन के पिता ने बताया “यह अकादमी ही उसके लिए जीवन-रेखा साबित हुई है, इसने उसे वह खेल का सामान और ट्रेनिंग दी, जो मैं उसे नहीं दे सकता था।”

अहफाज खान ने बताया कि एक समय था जब वह घोर गरीबी के कारण अपनी बेटी के इस खेल को लेकर असमंजस में थे, लेकिन अब वह उसकी ट्रेनिंग के दौरान पहने जाने वाले कपड़ों को लेकर समाज की तरफ से होने वाले विरोध के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा, “अगर कोई मेरी बेटी को रोकता है, तो उसे सबसे पहले मुझसे निपटना होगा।”

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