पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद, भारत ने सोमवार को फिर से संघर्ष को तुरंत कम करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संघर्ष, जो 100 दिनों से ज्यादा समय से चल रहा है, इसके कारण बहुत ज्यादा परेशानी हुई है और इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाला है।
घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुत चिंता का विषय- भारत
बयान में कहा गया है कि भारत को पश्चिम एशिया में फिर से शुरू हुए हमलों पर गहरा अफसोस है। ये घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुत चिंता का विषय है। यह संघर्ष अब 100 दिनों से ज्यादा समय से चल रहा है और इसके कारण पहले ही बहुत ज्यादा मानवीय पीड़ा हुई है। इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बुरा असर डाला है।
बातचीत से समाधान निकालें- भारत
इसमें कहा गया है कि हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि तुरंत तनाव कम करें, यह सुनिश्चित करें कि आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो और बातचीत के जरिए समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करें ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट सके।
शांति बहाली के लिए नई दिल्ली की यह अपील पिछले 24 घंटों में सैन्य तनाव बढ़ने के बीच आई है, जिसमें कई शहरों में सैन्य टकराव, रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले और पूरे क्षेत्र में भारी गोलीबारी देखी गई है।
बड़े पैमाने पर युद्ध का खतरा बढ़ा
पश्चिम एशिया में तनाव में भारी बढ़ोतरी के बीच, इजरायल और ईरान ने सोमवार को एक दूसरे पर हमले लिए, जिससे पहले से ही कमजोर युद्धविराम गंभीर खतरे में पड़ गया है। जिस कारण पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू होने का खतरा पैदा हो गया है।


