PM मोदी काशी से देंगे बंगाल को संदेश, 28 अप्रैल को करेंगे नारी शक्ति वंदन सम्मेलन

लोकसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल गिर जाने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करने में जुटी है। कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी निशाने पर हैं। विरोधी दलों को भाजपा हर मंच से महिला विश्वासघाती बता और दर्शा रही है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अप्रैल को लघु भारत के रूप में ख्यात अपने संसदीय क्षेत्र काशी आ रहे हैं। दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन करेंगे। काशी में अपनी तरह की इस तीसरी अनूठी जनसभा में वह महिलाओं के बीच महिला सम्मान की बात करेंगे। इसमें काशी के प्रबुद्ध समाज समेत 50 हजार महिलाएं प्रतिभाग करेंगी।

निश्चित रूप से बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के ठीक 12 घंटे पहले पीएम मोदी की जनसभा का संदेश बंगाल तक जाएगा। पीएम मोदी संकेत और संदेश के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में काशी से बंगाल तक संदेश जाने के कारण भी हैं। बंगीय समाज का सदियों से काशी से गहरा धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध रहा है।

बंगाल की रानी भवानी ने यहां बहुत से मठ-मंदिर, धर्मशाला, घाट-कुंड बनवाए। बंगाल से विभिन्न कारणों से जो काशी आए अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजे हुए यहां की माटी में ऐसे रचे बसे कि बनारसी कहलाए। यह शारदीय नवरात्र के समय दुर्गोत्सव और दीपावली के समय काली पूजनोत्सव में स्पष्ट दिख जाता है जब बनारस का दक्षिणी सिरा मिनी बंगाल हो जाता है।

श्रीकाशी विश्वनाथ, मां कुष्मांडा, शृंगार गौरी, मां अन्नपूर्णा की वजह से भी बंगीय समाज का काशी से विशेष लगाव व जुड़ाव बरकरार है। काशी में गंगा किनारे एक बड़ा क्षेत्र (बंगाली टोला) मिनी बंगाल कहलाता है। यहां 70 हजार बंगाली मतदाता भाजपा को दो विधानसभा क्षेत्र शहर दक्षिणी और कैंट में चार दशक से विजय दिला रहे हैं।

बंगाल में 27 अप्रैल की शाम पांच बजे चुनाव प्रचार जरूर बंद हो जाएगा लेकिन 28 को मोदी काशी में 50 हजार महिलाओं के बीच होंगे। दो दर्जन बंगाली महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शंखनाद करेंगी। स्वागत में भी बंगीय अंदाज नजर आएगा। काशी और उत्तर प्रदेश में महिला समृद्धि, लखपति दीदी सम्मानित होंगी।

इस आयोजन के केंद्र में नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल होगा। मोदी स्थान विशेष के प्रतीकों को जोड़कर दूर तक संदेश देंगे। मोदी 29 अप्रैल को जब श्रीकाशी विश्वनाथ धाम दर्शन को जाएंगे तो महिलाएं उनका स्वागत करेंगी। भाजपा का पहले से ही बंगाल में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। ये सभी परिदृश्य प्रभावी संदेश देंगे। इसका चुनावी प्रभाव, लाभ बंगाल तक जाएगा।

काशी का विकास बंगाल तक पहुंचा

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी से सांसद बनने के बाद से काशी ही नहीं, पूर्वांचल में विकास की नई परिभाषा गढ़ी। इसकी प्रसिद्धि बंगाल तक गई। वाराणसी-कोलकाता के बीच सिक्सलेन रोड, गंगा में काशी से हल्दिया तक वाटरवेज-1, मालवाहक व पर्यटक जहाजों का संचालन प्रमुख है। वाराणसी-हावड़ा हाईस्पीड रेल कारिडोर का सर्वे पूरा हो गया है। इस बार भी उत्तर प्रदेश को बिहार से बंगाल तक को जोड़ने वाला 2600 करोड़ के रेल-रोड ब्रिज का शिलान्यास होने जा रहा है।

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