दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में आवेदन के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसे अब स्वैच्छिक कर दिया गया है।
इसके बिना भी दिव्यांगजन योजना का लाभ ले सकते हैं।
योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने वाले दिव्यांगजन को पहले रजिस्ट्रार द्वारा निर्गत विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र ऑनलाइन आवेदन में अपलोड करना अनिवार्य था।
इसके बिना आवेदक को लाभ नहीं मिल पा रहा था। दिव्यांगजन की दिक्कतों को देखते हुए इसकी अनिवार्यता समाप्त करते हुए इसे स्वैच्छिक कर दिया गया है। एक अप्रैल 2025 से अब शादी करने वाले दिव्यांगजन आनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। इसमें एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
यह है प्रोत्साहन राशि
- पति के दिव्यांग होने पर 15 हजार रुपये
- पत्नी के दिव्यांग होने पर 20 हजार रुपये
- पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर 35 हजार रुपयेऑनलाइन पंजीकरण के दौरान यह है पात्रता
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी 40 प्रतिशत या अधिक का दिव्यांग प्रमाण-पत्र
- आय प्रमाण-पत्र
- तहसील द्वारा निर्गत विवाह प्रमाण-पत्र (इसे अब स्वैच्छिक कर दिया गया है)
- शादी के समय युवक की उम्र 21 से 45 वर्ष व युवती उम्र 18 से 45 वर्ष
- राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित संयुक्त खाता
- निवास प्रमाण पत्र
- युवक व युवती का आधार कार्ड


